हिसार में 11 साल बाद मंजूर हुई मल्टी स्टोरी पार्किंग परियोजना, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
हिसार शहर में वर्षों से लंबित पड़ी मल्टी स्टोरी पार्किंग परियोजना को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। सिटी थाना के सामने प्रस्तावित यह परियोजना 11 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा घोषित की गई थी। गुरुवार को मुख्यालय में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में औपचारिक रूप से इसकी स्वीकृति दे दी गई। बैठक में हिसार के निगमायुक्त नीरज भी उपस्थित रहे।
2 एकड़ 1 कनाल 12 मरला जमीन पर बनेगी पार्किंग
निगमायुक्त नीरज ने बताया कि मल्टी स्टोरी पार्किंग के लिए जीएलएफ की करीब 2 एकड़ 1 कनाल 12 मरला जमीन नगर निगम को लगभग 15 करोड़ रुपए में हस्तांतरित की गई है।
यह पार्किंग पीपीपी मोड में बनाई जाएगी और चयनित एजेंसी को जमीन 99 साल की लीज पर दी जाएगी।
3 बेसमेंट + ग्राउंड पर कम्युनिटी हॉल
परियोजना के डिजाइन को एनआईटी कुरुक्षेत्र ने तैयार किया है। डिजाइन के अनुसार—
- 3 बेसमेंट पार्किंग
- ग्राउंड फ्लोर पर 1,025 वर्ग मीटर का कम्युनिटी हॉल
- ऊपर की तीन मंजिलों का उपयोग एजेंसी द्वारा किया जाएगा
कम्युनिटी हॉल नगर निगम के पास रहेगा और नगर निगम द्वारा ही संचालित किया जाएगा।
167 करोड़ की अनुमानित लागत, 850 वाहनों की क्षमता
निगमायुक्त ने बताया कि पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 167 करोड़ रुपए है, जिसे पीपीपी मोड के तहत एजेंसी वहन करेगी।
इस पार्किंग में 850 वाहनों के खड़े होने की क्षमता होगी।
परियोजना में निम्न सुविधाएँ शामिल होंगी—
- हाई-टेक सीसीटीवी निगरानी सिस्टम
- आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम
- सभी मंजिलों पर स्पष्ट संकेतक
- डिजिटल भुगतान सुविधा
यह पार्किंग हिसार के पुराने बाजार और व्यस्त सड़कों पर होने वाले जाम को काफी हद तक कम करेगी।
मेयर बोले– शहर के लिए बड़ी उपलब्धि
परियोजना को मंजूरी मिलने पर हिसार के मेयर प्रवीण पोपली ने इसे शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

उन्होंने कहा,
“शहर का पुराना बाजार क्षेत्र लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहा है। व्यापारी और खरीददार दोनों परेशान रहते हैं। मल्टी स्टोरी पार्किंग बनने के बाद इन समस्याओं का बड़ा समाधान हो जाएगा।”
मेयर ने इसे हिसार के लिए ऐतिहासिक और लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना बताया।
11 साल में कई बार नीति बदली, अब मिला रास्ता
इस परियोजना की घोषणा 29 दिसंबर 2014 को हिसार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। इसके बाद—
- 2018 में जीएलएफ की जमीन नगर निगम को मिली
- 2019 में इसे पीपीपी मोड से बनाने की तैयारी हुई
- 2020 में परियोजना को सरकारी बजट से बनाने का निर्णय लिया गया
- लेकिन उसी वर्ष सरकार ने बजट उपलब्ध न होने की बात कही
- इसके बाद इसे फिर से पीपीपी मोड पर लाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया
अंततः वर्ष 2025 में इस परियोजना को आधिकारिक मंजूरी मिल गई।
शहर के विकास में आएगी तेजी
विशेषज्ञों का मानना है कि मल्टी स्टोरी पार्किंग के बनने से—
- शहर के मुख्य बाजारों में ट्रैफिक जाम कम होगा
- व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी
- शहर की शहरी छवि को नया रूप मिलेगा
यह परियोजना हिसार में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
