हिसार जिले के नारनौंद थाना क्षेत्र के खांडा खेड़ी गांव में दो भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहे जमीनी विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मंगलवार, 24 नवंबर की देर शाम खेत में हुए झगड़े के बाद 68 वर्षीय किसान वजीर ने पुलिस में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रोजनामचा नंबर के आधार पर मामला दर्ज करते हुए सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
लंबे समय से चल रहा है भाईयों के बीच विवाद
किसान वजीर ने पुलिस को बताया कि उसका अपने भाई पूर्णदेव के साथ जमीन को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा है। यह विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी जमीन के कब्जे की वर्तमान स्थिति को यथावत बनाए रखें। वजीर ने बताया कि वह अकेले गांव में खेती करता है, जबकि उसकी पत्नी भलकौर और बच्चे भिवानी में रहते हैं।
खेत में दिखे लोग, रोका तो हुआ हमला
वजीर के अनुसार, 24 नवंबर की शाम करीब 9:56 बजे जब वह अपने खेत पर पहुंचा, तो उसने देखा कि उसकी भाभी धर्म कौर, पूनम, रीना (निवासी बास) और टेकराम, अमित तथा सुमित (निवासी राखीगढ़ी) ट्रैक्टर के जरिए बुवाई कर रहे थे।
जब वजीर ने इसका विरोध किया और उन्हें कोर्ट के आदेश की याद दिलाई, तो स्थिति बिगड़ गई।

वजीर ने आरोप लगाया कि टेकराम, अमित और सुमित ने उसे पकड़ लिया, जबकि पूनम और रीना ने लाठियों से उस पर हमला कर दिया। वजीर ने यह भी कहा कि पड़ोसी मंदीप ने भी इस मारपीट में हिस्सा लिया। घटना के दौरान वजीर को काफी चोटें आईं।
पत्नी को मिली सूचना, अस्पताल ले जाया गया
घटना की जानकारी एक ग्रामीण ने फोन पर वजीर की पत्नी भलकौर को दी। सूचना मिलते ही वह तुरंत भिवानी से खांडा खेड़ी पहुंचीं और घायल पति को अस्पताल ले गईं। वजीर का उपचार सरकारी अस्पताल नारनौंद में कराया गया, जहां पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए।
भलकौर ने भी वजीर के बयानों की पुष्टि की। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच विवाद पहले से चल रहा है और इससे पहले भी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
पुलिस ने की जांच, सात लोगों पर मामला दर्ज
सूचना मिलने के बाद एएसआई सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच तथा मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि होने पर सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 115 और 126 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामला जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है और हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण दोनों पक्षों को कानून का पालन करने की सलाह दी गई है। आगे जांच जारी है और सभी आरोपियों के बयान भी लिए जाएंगे।
गांव में तनाव, पुलिस सतर्क
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
