हिसार जिले के अग्रोहा ब्लॉक के गांव कनोह में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस में आज बुधवार को एक बड़ा फैसला आया। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (ADJ) निशांत शर्मा की अदालत ने इस दोहरे हत्याकांड में चार आरोपियों — जसबीर उर्फ काला, रूपचंद, मनदीप और कुलवंत — को दोषी करार दिया है। अदालत अब 24 नवंबर को सभी दोषियों को सजा सुनाएगी। यह मामला करीब ढाई साल से अदालत में विचाराधीन था।
कैसे शुरू हुई रंजिश — तलाक, दूसरी शादी और बढ़ती दुश्मनी
गांव कनोह निवासी रामचंद्र ने गांव के ही जसबीर उर्फ काला की तलाकशुदा पत्नी रेणु से विवाह कर लिया था। यही कदम दोनों परिवारों के बीच गहरी रंजिश की वजह बना।
रेणु पहले जसबीर की पत्नी थी और उनके दो बच्चे भी थे — एक 6 साल का बेटा और डेढ़ साल की बेटी। रेणु जब घर छोड़कर चली गई, उस समय बेटी सिर्फ 8 महीने की थी।
रेणु का गांव में आना-जाना जसबीर को पसंद नहीं आता था। बच्चे अपनी मां को देखकर भावुक हो जाते और रोते, जिससे जसबीर अंदर ही अंदर टूटता जा रहा था। इसी नाराजगी और जलन ने धीरे-धीरे नफरत का रूप ले लिया।
हत्या से पहले झगड़ा भी हुआ था
कुछ दिन पहले रामचंद्र और जसबीर में झगड़ा भी हुआ था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इसी झगड़े ने मामले को और भड़का दिया। इसके बाद जसबीर ने अपने मौसरे भाइयों के साथ मिलकर रामचंद्र और रेणु की हत्या की साजिश रच डाली।
अग्रोहा पुलिस ने 3 मई 2023 को मृतक रामचंद्र के भाई जगबीर की शिकायत पर हत्या और साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया था।
कैसे दिया गया था हत्याकांड को अंजाम — मिनट-दर-मिनट कहानी
🔸 दूध देने के बाद खेतों की ओर जा रहे थे दोनों

2 मई 2023 की शाम लगभग 7:30 बजे रामचंद्र अपनी पत्नी रेणु के साथ बाइक पर खेतों की ओर जा रहा था। दोनों दूध देने के बाद वापस खेत की तरफ लौट रहे थे। गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर पहुंचते ही उनकी राह में एक पिकअप वैन आकर रुकी।
पिकअप ने मारी बाइक को टक्कर
पिकअप वाहन ने रामचंद्र की बाइक को जोरदार टक्कर मारी। दोनों सड़क पर गिर पड़े। तभी पिकअप से चार हमलावर बाहर निकले, जिनके हाथों में कुल्हाड़ियां थीं।
पहले रेणु की हत्या, फिर रामचंद्र का पीछा कर मारा
हमलावरों ने पहले सड़क पर गिरी रेणु पर वार करना शुरू कर दिया। यह देखकर रामचंद्र चीखते हुए नजदीकी खेतों की ओर भागा, लेकिन हमलावरों ने पीछा करके उसी की भी हत्या कर दी। दोनों के शरीर पर इतने वार किए गए कि कई हिस्से कट गए थे। यह दृश्य इतना क्रूर था कि गांव में आज भी लोग उस घटना का जिक्र सिहरते हुए करते हैं।
इंटरकास्ट मैरिज भी बनी थी वजह
जांच में यह भी सामने आया कि रामचंद्र व रेणु की इंटरकास्ट शादी ने भी हत्या के पीछे तनाव को बढ़ाया था। समाजिक दबाव और पारिवारिक विवाद मिलकर हत्याकांड का कारण बने।
पिकअप छोड़कर फरार हो गए आरोपी
दोनों की हत्या के बाद आरोपी पिकअप वहीं छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बाद में पिकअप को कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाया।
रेणु तीन महीने की गर्भवती थी
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि जब रेणु की हत्या की गई, वह तीन महीने की गर्भवती थी। शादी के बाद दोनों खेत में बने घर में रहने लगे थे।
रेणु की उम्र लगभग 35 वर्ष और रामचंद्र लगभग 36 वर्ष के थे। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा किया था।
अब 24 नवंबर को सुनाई जाएगी सजा
अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है और अब 24 नवंबर को सभी को सजा सुनाई जाएगी। परिजनों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कठोरतम सजा की मांग की है।
