Thursday, April 2, 2026
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हिसार के जस्टिस सूर्यकांत बने देश के 53वें CJI, शपथ के साथ हरियाणा में जश्न—जानिए परिवार, सफर और जीवन से जुड़ी खास बातें

हिसार के जस्टिस सूर्यकांत बने देश के 53वें CJI, हरियाणा के पहले व्यक्ति जिन्हें मिला बड़ा सम्मान

हरियाणा के हिसार जिले के लिए सोमवार ऐतिहासिक दिन बन गया, जब जिले के रहने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने देश के 53वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के रूप में शपथ ली। वह हरियाणा के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी संभालने का गौरव मिला है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें शपथ दिलाई।

उनकी शपथग्रहण को लेकर हरियाणा के कई जिलों—हिसार, रोहतक और भिवानी में वकीलों और लोगों ने खुशी मनाई। हिसार बार एसोसिएशन ने इस मौके पर हवन कराया, वहीं कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। हिसार की जिला एवं सेशन जज नताशा भी खुशी में शामिल हुईं और वकीलों के साथ डांस करती नजर आईं।

परिवार की विशेष मौजूदगी—तीनों भाई, बहन और ससुराल पक्ष रहा साथ

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जस्टिस सूर्यकांत का पूरा परिवार मौजूद रहा।
इसमें शामिल थे—

  • बड़े भाई डॉ. शिवकांत
  • भाई ऋषिकांत
  • भाई देवकांत
  • बड़ी बहन कमला देवी
  • सास-ससुर रामप्रताप और आरती देवी

परिवार ने इसे गौरवपूर्ण पल बताते हुए खुशी व्यक्त की।

हिसार से गहरा संबंध—दिवाली पर पैतृक गांव आए थे

जस्टिस सूर्यकांत का हिसार से विशेष जुड़ाव रहा है। CJI बनने से ठीक पहले वह दिवाली पर अपने पैतृक गांव पेटवाड़ आए थे। वह बिना किसी सूचना के गांव पहुंचे और अपने पुश्तैनी मकान में ठहरे। उनके चाचा, ताऊ, बचपन के दोस्त और उनके बेटे-बहुएं आज भी वहीं रहते हैं।

हिसार में की करियर की शुरुआत—6 महीने की प्रैक्टिस

जस्टिस सूर्यकांत ने अपने कानून करियर की शुरुआत 1984-85 में हिसार जिला न्यायालय से की थी। वह वरिष्ठ वकील स्वर्गीय आत्माराम बंसल के जूनियर बने और करीब छह महीने तक हिसार में वकालत की। उनके भाई बताते हैं कि यहीं से उनका कानूनी सफर मजबूत हुआ।

परिवार में सभी टीचर—पर सूर्यकांत ने चुना कानून का रास्ता

भाई ऋषिकांत के अनुसार सूर्यकांत ने बचपन से ही अलग राह चुनी। परिवार में सभी टीचर थे, पर उन्होंने कानून की पढ़ाई की।
उनकी शिक्षा—

  • 10वीं तक: गांव के सरकारी स्कूल से
  • ग्रेजुएशन: हिसार के सरकारी कॉलेज से

वह शुरू से ही तेज, हाजिरजवाब और वक्तृत्व कला में मजबूत थे। कॉलेज के दिनों में लिखी उनकी कविता “मेढ़ पर मिट्टी चढ़ा दो” उस समय युवाओं में खूब लोकप्रिय हुई थी।

खान-पान में देहाती स्वाद—बाजरे की रोटी और लस्सी के शौकीन

बड़े भाई शिवकांत ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत सादा देसी भोजन पसंद करते हैं। उन्हें पसंद है—

  • मिसी रोटी
  • बाजरे की रोटी
  • लहसुन की चटनी
  • लस्सी
  • मूंग की दाल

घर में जो भी बन जाए, वह खुशी से खाते हैं।

संयुक्त परिवार में पले-बढ़े—बचपन खेतों में बीता

जस्टिस सूर्यकांत संयुक्त परिवार में पले-बढ़े। उनके पिता ने बड़े भाई का एक साल ड्रॉप कराकर उन्हें एक साथ 10वीं में पढ़ाया।
10वीं के बाद वह ताऊ के साथ खेतों में काम करने भी जाते थे।

दो बेटियां—पत्नी कॉलेज प्रिंसिपल रहीं

उनकी पत्नी सविता सूर्यकांत इंग्लिश प्रोफेसर रहीं और बाद में कॉलेज प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुईं।
उनकी दो बेटियां हैं—

  • मुग्धा
  • कनुप्रिया

दोनों उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।

गांव के बच्चों को सम्मानित करते हैं—परिवार का NGO सक्रिय

उनके परिवार का पंडित राम प्रसाद आत्माराम धर्मार्थ न्यास नाम से NGO है, जो बिना किसी चंदे के चलता है।
जस्टिस सूर्यकांत हर साल 10वीं और 12वीं के टॉपर छात्रों को सम्मानित करते हैं।

साहित्यकार पिता—हरियाणवी रामायण लिखी

उनके पिता मदन गोपाल संस्कृत शिक्षक और बड़े साहित्यकार थे।
उन्होंने—

  • हरियाणवी में रामायण लिखी
  • 14 पुस्तकें लिखीं
  • सूरदास पुरस्कार
  • पंडित लख्मीचंद पुरस्कार

जैसे सम्मान प्राप्त किए।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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