हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने हिसार जिले के हांसी में होटल के सेप्टिक टैंक में दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत के मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने होटल मालिक, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से इस हादसे पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
जानकारी के मुताबिक, हांसी स्थित एक होटल में सोमवीर (गांव गढ़ी निवासी) और वीरेंद्र (गांव जमावड़ी निवासी) नामक दो कर्मचारी काम करते थे। सोमवार को होटल की सीवर मोटर खराब हो गई। होटल प्रबंधन ने दोनों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर या गैस जांच के सेप्टिक टैंक में उतरने के लिए कहा। पहला कर्मचारी सोमवीर जैसे ही टैंक में उतरा, जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए वीरेंद्र नीचे उतरा, लेकिन वह भी उसी गैस के प्रभाव में आ गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने होटल प्रबंधन पर जबरन और लापरवाही से काम करवाने का आरोप लगाया है।
मानव अधिकार आयोग ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए कहा कि बिना सुरक्षा उपकरणों के किसी कर्मचारी को ऐसे खतरनाक काम के लिए बाध्य करना अपराध की श्रेणी में आता है। आयोग ने डीसी हिसार को 6 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं, जिसमें मृतकों के परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि का भी उल्लेख होना चाहिए। हिसार एसपी से एफआईआर और जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है, जबकि नगर परिषद हांसी से होटल के लाइसेंस और सेफ्टी अनुमोदन की स्थिति की जानकारी तलब की गई है।

आयोग ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। नियमों के अनुसार, सीवरेज या सेप्टिक टैंक में बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करते हुए किसी भी कर्मचारी की मौत होने पर परिजनों को ₹10 लाख का मुआवजा दिया जाना अनिवार्य है।
