हरियाणा के हिसार जिले में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए डिप्टी कमिश्नर अनीश यादव ने हांसी क्षेत्र के ढाणी पुरिया गांव की सरपंच भतेरी देवी (60) को फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र लगाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। सरपंच पर आरोप था कि उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ने के लिए 8वीं कक्षा का फेक सर्टिफिकेट जमा किया था।
डीसी ने बताया कि यह कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 175 और 51 के तहत की गई है। यह मामला पिछले करीब 5 महीनों से जांच के अधीन था।
शिकायत से शुरू हुआ मामला
ढाणी पुरिया गांव के ही एक व्यक्ति ने 23 जून 2025 को जिला प्रशासन को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया कि सरपंच द्वारा जमा किया गया 8वीं कक्षा का सर्टिफिकेट फर्जी है।
जांच की जिम्मेदारी BDPO हांसी-1 और जिला शिक्षा अधिकारी हिसार को दी गई।
दोनों अधिकारियों ने सरपंच को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था। सरपंच केवल एक बार जांच के लिए पहुंचीं और वहां पूछे गए मूलभूत सवालों का जवाब नहीं दे सकीं।
जांच में फेल—एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाईं
जांच टीम ने सरपंच से 8वीं क्लास की पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे, जैसे—
- 8वीं कक्षा किस साल पास की?
- किस स्कूल से की?
- उस समय कौन-कौन से विषय पढ़ाए गए?
- आपके साथ कौन-कौन सहपाठी थे?
- 8वीं के पेपर बोर्ड से होते थे या स्कूल से?
रिपोर्ट के अनुसार, सरपंच इनमें से एक भी सवाल का जवाब नहीं दे सकीं।
इससे अधिकारियों को संदेह हुआ कि उनका प्रमाणपत्र असली नहीं है।
सर्टिफिकेट “गुम होने” का दावा
विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने पर सरपंच ने लिखित जवाब में कहा था कि—
- उन्होंने 1987-88 में
‘के डी शास्त्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोरी गेट हिसार’
से 8वीं कक्षा पास की थी - प्रमाणपत्र खो गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने 2020 में थाना सिविल लाइन हिसार में दर्ज करवाई थी
लेकिन जब अधिकारियों ने दो बार—
30 अक्टूबर और 10 नवंबर—को प्रमाणपत्र लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए,

तो:
- पहली बार वे अपनी सास की मृत्यु का हवाला देकर नहीं पहुंचीं
- दूसरी बार खाली हाथ पहुंचीं और कोई भी प्रमाण नहीं दे पाईं
डीसी ने जारी किया सस्पेंशन नोटिफिकेशन
जांच रिपोर्ट के आधार पर DC अनीश यादव ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए सरपंच भतेरी देवी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
डीसी ने कहा कि—
“सरपंच द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच में सहयोग न करना और प्रमाणपत्र प्रस्तुत न कर पाना, गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इसलिए कानूनी प्रावधानों के तहत निलंबित किया गया है।”
पंचायत में बढ़ी हलचल
सरपंच के निलंबन के बाद गांव में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनके प्रमाणपत्र सही थे तो उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए था।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह मसला गांव की राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है।
अब अगले कुछ दिनों में प्रशासन नया कार्यवाहक सरपंच नियुक्त कर सकता है।
