हरियाणा के हिसार जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां फाइनेंसर की प्रताड़ना से तंग आकर एक आरा मशीन संचालक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान राजीव कालिया (45 वर्ष), निवासी सुदामा नगर, हिसार के रूप में हुई है।
मृतक के बेटे नकुल कालिया की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी फाइनेंसर विजेंद्र गिल, निवासी गांव रोहनात, जिला भिवानी, के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पैसों के लेन-देन में बना रहा था दबाव
शिकायत में मृतक के बेटे नकुल ने बताया कि उसके पिता राजीव कालिया आरा मशीन चलाने का काम करते थे। परिवार में तीन बेटे — नकुल, सूरज और देव — तथा एक बेटी राखी हैं, जो सभी अविवाहित हैं।
नकुल ने आरोप लगाया कि उसके पिता का विजेंद्र गिल से पैसों का कुछ लेन-देन था। इसी को लेकर विजेंद्र लगातार दबाव और धमकी देता था।
नकुल के मुताबिक, “पापा कई बार कहते थे कि विजेंद्र ने उन्हें इतना परेशान कर दिया है कि अब मरने के बाद ही इससे पीछा छूटेगा।”
14 दिन पहले दी थी एसपी को शिकायत
जानकारी के अनुसार, राजीव कालिया ने आत्महत्या से 14 दिन पहले, यानी 25 अक्टूबर 2025 को, हिसार पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित शिकायत दी थी। इस शिकायत में उन्होंने फाइनेंसर विजेंद्र गिल पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

हालांकि, परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे राजीव मानसिक रूप से और टूट गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे की शिकायत के आधार पर आरोपी विजेंद्र गिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि विजेंद्र ने किस हद तक राजीव को परेशान किया और क्या आत्महत्या के पीछे सीधा दबाव उसका ही था।
उन्होंने कहा कि “पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी की भूमिका स्पष्ट होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
परिजनों में शोक और गुस्सा
राजीव कालिया की मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा शोक है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो शायद यह घटना टल सकती थी।
लोगों ने मांग की है कि फाइनेंसरों द्वारा आम लोगों के साथ की जा रही जबरदस्ती और धमकी पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की घटना का शिकार न बने।
