हिसार फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 838 ग्राम अफीम बरामदगी मामले में आरोपी को दी नियमित जमानत
हरियाणा के हिसार में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के एक अहम मामले में आरोपी दशरथ सिंह को जमानत दे दी है। आरोपी मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के ग्राम बुधनापुर का रहने वाला है और उस पर 838 ग्राम अफीम की तस्करी का आरोप था। कोर्ट ने इस मात्रा को ‘इंटरमीडिएट क्वांटिटी’ यानी मध्यम मात्रा की श्रेणी में माना और जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
जीआरपी ने 9 अक्टूबर 2025 को किया था गिरफ्तार
जीआरपी हिसार ने 9 अक्टूबर 2025 को आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया था। आरोप है कि दशरथ सिंह ट्रेन से अफीम लेकर यात्रा कर रहा था और शक के आधार पर तलाशी में यह नशीला पदार्थ बरामद हुआ।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. दयानंद भारद्वाज ने आरोपी को रिटेगुलर बेल देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा — “बरामद मात्रा इंटरमीडिएट क्वांटिटी में आती है”
अदालत ने कहा कि:
- बरामद अफीम 838 ग्राम है
- यह मात्रा इंटरमीडिएट रेंज में आती है
- आरोपी 9 अक्टूबर 2025 से न्यायिक हिरासत में है
- उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कोई पिछला मामला नहीं है
- ट्रायल लंबा चल सकता है

इसलिए, बिना मेरिट पर टिप्पणी किए जमानत प्रदान की जाती है।
आरोपी के वकील की दलीलें — “रिकवरी प्लांटेड, नियमों का पालन नहीं”
आरोपी दशरथ सिंह की ओर से वकील दिनेश कुमार मशवाल ने कई तर्क अदालत के सामने रखे। उनका कहना था:
- दशरथ को झूठा फंसाया गया है
- अभियोजन पक्ष का वर्जन असामान्य और असंभव है
- जो रिकवरी दिखाई गई है वह प्लांटेड है
- तलाशी और गिरफ्तारी के दौरान एनडीपीएस एक्ट की अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया
- आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है
वकील ने कहा कि इतने गंभीर मामले में भी पुलिस ने सारे कानूनी कदम ठीक ढंग से नहीं उठाए, जिससे अभियोजन कमजोर होता है।
सरकारी वकील ने किया विरोध — “डिलीवरी के लिए ले जा रहा था नशा”
सरकारी वकील विजय कुमार वर्मा ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा:
- आरोपी को संदेह के आधार पर पकड़ा गया, जिसके बाद तलाशी में 838 ग्राम अफीम बरामद हुई
- यह गंभीर अपराध है
- पूछताछ में आरोपी ने माना कि यह हीरोइन/अफीम उसे सह-आरोपी लक्ष्मण ने दी थी
- उसे यह नशीला पदार्थ अमृतसर में किसी व्यक्ति को सप्लाई करना था
- जमानत मिलने पर आरोपी के फरार होने की आशंका है
