हिसार की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े गृह ऋण घोटाले का खुलासा किया है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 60 लाख रुपए का लोन लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में पंचकूला निवासी बलविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है, जो इस फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
जांच अधिकारी उप निरीक्षक राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2022 में हिसार स्थित आईसीआईसीआई बैंक की सेक्टर-14 शाखा से गृह ऋण के लिए आवेदन किया था। उसने बैंक को एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के नाम से फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जमा कराए, जिनकी जांच किए बिना बैंक ने ऋण मंजूर कर दिया।
इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक ने बलविंदर सिंह को 60 लाख रुपए का होम लोन स्वीकृत कर जारी किया।
फर्जी एनओसी से हुआ घोटाला उजागर
बाद में बैंक की आंतरिक जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि प्रस्तुत किए गए एनओसी असली नहीं थे और उनमें हेराफेरी की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह पूरा फर्जीवाड़ा भिवानी निवासी विक्रेता सुनीता देवी और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर किया था।
बैंक प्रबंधन ने जब इस धोखाधड़ी का पता लगाया तो तुरंत आर्थिक अपराध शाखा, हिसार में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गहराई से जांच के बाद पुलिस ने बलविंदर सिंह को गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

साजिश का दायरा तलाशने में जुटी पुलिस
EOW अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने की साजिश कहां और किन लोगों की मदद से रची गई थी।
पुलिस को शक है कि इस धोखाधड़ी में बैंकिंग एजेंट या प्रॉपर्टी डीलर की भी भूमिका हो सकती है। जांच टीम संबंधित बैंकों से दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट मांग चुकी है।
जांच अधिकारी राजबीर सिंह ने कहा —
“यह एक योजनाबद्ध धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। आरोपी से पूछताछ के बाद और खुलासे होने की संभावना है।”
इस घटना ने एक बार फिर बैंकिंग क्षेत्र में दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया की खामियों को उजागर किया है। EOW की कार्रवाई से अन्य बैंकों को भी ऐसे मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
