हरियाणा के हिसार जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय ने एक बार फिर स्कूलों में शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEO) को एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्कूल समय के दौरान किसी भी शिक्षक को मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना है। यह आदेश न केवल एक सख्त चेतावनी है, बल्कि शिक्षण कार्य की गुणवत्ता और अनुशासन में सुधार लाने का एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश, फिर भी लापरवाही बरकरार
DEO कार्यालय ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2017 और 2018 में भी इसी प्रकार के आदेश निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से जारी किए जा चुके हैं। इन आदेशों में साफ तौर पर कहा गया था कि शिक्षक शिक्षण अवधि में मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करेंगे। इसके बावजूद, हालिया निरीक्षणों में पाया गया कि कई स्कूलों में शिक्षक कक्षा और स्कूल परिसर के भीतर मोबाइल का उपयोग कर रहे थे।
अधिकारी का मानना है कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग न केवल शिक्षण कार्य में बाधा डालता है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य पर भी नकारात्मक असर डालता है। कक्षा में मोबाइल का उपयोग शिक्षक की एकाग्रता भंग करता है और इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
BEO को मिले सख्त निर्देश

जारी पत्र में जिले के सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को यह स्पष्ट आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने ब्लॉकों के सभी स्कूल प्रमुखों को इस नियम का कड़ाई से पालन करवाने के लिए निर्देशित करें। स्कूलों को सख्ती से यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शिक्षक कक्षा के दौरान मोबाइल फोन न रखें और न ही उसका उपयोग करें।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्कूल में मोबाइल उपयोग की शिकायत मिलती है या निरीक्षण के दौरान इसका उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित शिक्षक या स्कूल प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि शिक्षण कार्य एक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षण गुणवत्ता बढ़ाना है उद्देश्य
DEO कार्यालय का यह आदेश केवल मोबाइल फोन प्रतिबंध के लिए नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा विभाग चाहता है कि शिक्षक पढ़ाई के दौरान पूरी तरह बच्चों पर ध्यान दें, न कि मोबाइल पर।
विभाग का मानना है कि तकनीक का उपयोग अच्छा है, लेकिन उसका दुरुपयोग शिक्षा प्रणाली को कमजोर करता है। आजकल कई बार देखा जाता है कि शिक्षक छोटे-छोटे ब्रेक या खाली समय में भी मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। इससे स्कूल अनुशासन कमजोर पड़ता है और विद्यार्थियों में भी गलत संदेश जाता है कि मोबाइल उपयोग सामान्य बात है।
विद्यालयों को सख्ती से नियम लागू करने होंगे
DEO ने सभी स्कूल प्रमुखों को यह भी कहा है कि वे स्कूल परिसर में एक स्पष्ट नोटिस लगाएं, जिसमें लिखा हो कि “स्कूल समय में शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है”। निरीक्षण टीमें समय-समय पर स्कूलों का दौरा करेंगी और नए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जांच करेंगी।
हिसार DEO कार्यालय का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। मोबाइल फोन पर प्रतिबंध को लेकर विभाग ने पहले भी आदेश जारी किए थे, लेकिन अब निरीक्षण में मिली लापरवाही के बाद इसे और अधिक गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। यदि यह नियम प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो निश्चित ही इससे शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थी भी इससे लाभान्वित होंगे।
