हिसार में कांग्रेस के वोट चोर–गद्दी छोड़ अभियान के दौरान मंच पर हुई भिड़ंत अब बड़े विवाद का रूप लेती दिख रही है। अंबाला में शनिवार को कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि हिसार के शहरी जिला अध्यक्ष बजरंगदास गर्ग और ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया दोनों को नोटिस जारी किया जाएगा। समिति ने दोनों से 15 दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है कि मंच पर ऐसी स्थिति क्यों बनी और पार्टी की छवि क्यों खराब हुई।
समिति की बैठक अंबाला कैंट स्थित कांग्रेस भवन में चेयरमैन धर्मपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में चार शिकायतें सुनी गईं, जबकि तीन मामलों में समिति ने खुद संज्ञान लिया। बैठक के बाद समिति से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मंच पर हुई मारपीट जैसी स्थिति पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पार्टी की छवि खराब करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई
बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि पार्टी या किसी वरिष्ठ नेता के खिलाफ मीडिया, सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच पर बयान देना अब सख्त रूप से प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में पहले लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और असंतोषजनक जवाब आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मपाल मलिक की दो बड़ी बातें
अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी दी है उसे निष्पक्षता से निभाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया—
“हिसार और सिरसा से कई शिकायतें आई हैं। नोटिस भेजे जा रहे हैं। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कार्रवाई तय है।”
उन्होंने यह भी कहा कि समिति का कोई सदस्य किसी गुट का हिस्सा नहीं है।
“हम सब पार्टी हित में काम कर रहे हैं। कोई नेता पार्टी से बड़ा नहीं है।”
समिति अब तक 4 लिखित और 10–12 मौखिक शिकायतें प्राप्त कर चुकी है। गलत बयानबाजी या पार्टी लाइन से हटकर बोलने वालों पर सख्ती से कार्रवाई होगी।
रोहित जैन बोले—कुछ नेता अनावश्यक बयान दे रहे हैं

समिति के सदस्य सचिव एडवोकेट रोहित जैन ने बताया कि हाईकमान के निर्देश पर समिति अपना काम तेज कर चुकी है।
उन्होंने कहा—
“कुछ नेता अनावश्यक बयान देकर संगठन की छवि धूमिल कर रहे हैं। अब किसी को छूट नहीं दी जाएगी।”
हिसार में क्या हुआ था? पूरा मामला जानिए…
18 नवंबर को हिसार में कांग्रेस ने वोट चोरी को लेकर प्रदर्शन बुलाया था। सभी नेता कांग्रेस भवन में जुटे हुए थे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद थे।
मंच संचालन को लेकर शहरी जिला अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग और ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया के बीच विवाद हो गया। दोनों ही मंच संचालित करना चाहते थे।
माइक को लेकर मंच पर भिड़ंत
जैसे ही बजरंग गर्ग ने माइक अपनी तरफ करने की कोशिश की, बृजलाल बहबलपुरिया ने उसे अपनी तरफ खींच लिया। इसी बात पर मंच पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई।
हालत बिगड़ती देख हांसी से कांग्रेस उम्मीदवार रहे राहुल मक्कड़ बीच में आए और मामला शांत कराया। इसके बाद बजरंग गर्ग नाराज होकर वहां से चले गए।
दोनों पक्षों की सफाई
बजरंग दास गर्ग का कहना है कि एससी सेल जिला प्रधान सोनू लंकेश मंच संचालन कर रहे थे, लेकिन बीच में बृजलाल बहबलपुरिया खुद माइक पकड़कर बोलने लगे, जिससे लोग नाराज हो गए।
वहीं बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि उन्हें मंच संचालन की परमिशन प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और दीपेंद्र हुड्डा ने दी थी, इसलिए उन्होंने माइक संभाला।
अब समिति की सख्ती के संकेत
नोटिस के बाद दोनों नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो दोनों पर निलंबन या पद से हटाए जाने जैसी कार्रवाई संभव है।
