Saturday, January 31, 2026
Homeजिला न्यूज़हिसारहिसार में 5 लाख की सहायता राशि हड़पने का बड़ा खुलासा: सीएम...

हिसार में 5 लाख की सहायता राशि हड़पने का बड़ा खुलासा: सीएम फ्लाइंग ने पकड़ा CSC संचालक का घोटाला

हिसार में दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। सीएम फ्लाइंग हिसार की टीम ने जांच में पाया कि जिले के एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक ने एक गरीब परिवार को मिलने वाली 5 लाख रुपये की सहायता राशि धोखे से अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली। यह गंभीर घोटाला सामने आने के बाद आजाद नगर पुलिस थाने में आरोपी राजेंद्र निवासी गांव कोटली (सिरसा) के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

कमीशनखोरी और धोखाधड़ी के कई इनपुट मिले थे

सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने बताया कि टीम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई सीएससी संचालक दीनदयाल अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना में 25 से 30 प्रतिशत तक कमीशन वसूल रहे हैं।
यह योजना बीपीएल परिवारों को 6 से 60 वर्ष की आयु में किसी सदस्य की मृत्यु पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करती है।

लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद सीएम फ्लाइंग टीम ने गुप्त जांच शुरू की।

कैसे खुला घोटाला?

जांच में पता चला कि गांव भगाना निवासी रमेश कुमार के पुत्र गोविंदा की मृत्यु के बाद उसने इस योजना के लिए आवेदन किया था। इस दौरान सीएससी संचालक राजेंद्र ने प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर रमेश से कई दस्तावेज ले लिए और उसके मोबाइल का सिम भी कई दिनों तक अपने पास रख लिया।

आरोपी ने मृतक के नाम पर हिसार मुख्य डाकघर में खाता खुलवाया, ताकि सहायता राशि उसी खाते में आए।

इसके बाद—

  • 6 मार्च 2025 को योजना के तहत 5 लाख रुपये खाते में आए
  • आरोपी ने NEFT के माध्यम से पूरी राशि अपने खाते में डाल ली
  • न तो लाभार्थी से हस्ताक्षर करवाए गए
  • न ही कोई अंगूठा सत्यापन कराया गया
  • बाद में योजना बंद होने का बहाना बनाकर सिम कार्ड वापस कर दिया

योजना की राशि हड़पने के बाद आरोपी पीड़ित को गुमराह करता रहा और पैसा देने से मना कर दिया।

स्टाम्प और खाली कागजों पर पहले ही ले रखे थे हस्ताक्षर

जांच में बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि आरोपी अपनी सीएससी के माध्यम से गरीब मजदूरों से स्टाम्प पेपर और खाली कागजों पर पहले ही हस्ताक्षर करवा लेता था, ताकि भविष्य में उनका गलत उपयोग किया जा सके।
यह स्पष्ट संकेत है कि वह लंबे समय से ऐसे काले धंधे में शामिल था।

बीपीएल सूची से भी बाहर कर दिया

पीड़ित रमेश कुमार ने बताया कि जब उन्होंने आवेदन किया था, तब वे बीपीएल श्रेणी में थे और उनकी सभी सरकारी सुविधाएँ जारी थीं।
लेकिन आरोपी ने उनकी आय में मनमाना बदलाव कर दिया, जिसके कारण रमेश कुमार का परिवार बीपीएल सूची से बाहर हो गया।

इस वजह से—

  • बीपीएल कार्ड से मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएँ बंद हो गईं
  • परिवार दोहरी मार का शिकार हो गया—पहले सहायता राशि हड़प ली गई और फिर उनका बीपीएल स्टेटस भी खत्म कर दिया गया

पुलिस ने केस दर्ज किया

सीएम फ्लाइंग टीम की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आजाद नगर पुलिस ने आरोपी राजेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, विश्वासघात और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है।
मामले की आगे जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की भी खोज कर रही है।

बड़ा सवाल—कितने और लोगों के साथ हुआ ऐसा?

कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि एक संचालक ऐसा कर सकता है, तो यह संभावित है कि और भी स्थानों पर बीपीएल परिवारों का इसी तरह शोषण हुआ हो।
सीएम फ्लाइंग टीम ने ऐसे सभी सीएससी केंद्रों की गतिविधियों की गहन जांच शुरू कर दी है।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments