हिसार नगर निगम में राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक देरी के बीच भाजपा पार्षदों ने अपनी एक अलग यूनियन गठित कर ली है। इस यूनियन का नाम ‘भाईचारा यूनियन’ रखा गया है। यूनियन के गठन का समय इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि नगर निगम चुनाव के बाद 9 महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर का चयन नहीं हो पाया है।
नगर निगम की मौजूदा स्थिति
हिसार नगर निगम में कुल 20 पार्षद हैं, जिनमें
- 17 भाजपा के,
- 1 कांग्रेस का और
- 2 निर्दलीय पार्षद शामिल हैं।
बहुमत भाजपा के पास होने के बावजूद निगम में डिप्टी मेयर पद को लेकर फैसले का लगातार लंबित रहना, भाजपा पार्षदों के भीतर असंतोष को जन्म दे रहा है। ऐसे में पार्षदों ने खुद को संगठित रखने और अपने कार्यों को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए ‘भाईचारा यूनियन’ की स्थापना की है।
यूनियन के पदाधिकारियों का चुनाव
शुक्रवार को हुए चुनाव में—
- वार्ड-7 के पार्षद मनोहर लाल वर्मा को यूनियन का प्रधान,
- वार्ड-14 के पार्षद जगमोहन मित्तल को यूनियन का उप-प्रधान चुना गया।
चुनाव सर्वसम्मति से हुआ, जिसमें अधिकांश भाजपा पार्षदों ने भाग लिया।
प्रधान मनोहर लाल वर्मा का बयान
प्रधान चुने जाने के बाद मनोहर वर्मा ने कहा—
“हम पार्षदों के हक और सम्मान के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। पार्षद जनता के प्रतिनिधि होते हैं और हमें जनता के सवालों का जवाब देना पड़ता है। इसलिए यदि किसी पार्षद को किसी भी स्तर पर समस्या आती है, तो भाईचारा यूनियन उसके साथ खड़ी मिलेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन शहर के विकास कार्यों को तेज करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी।
उप-प्रधान जगमोहन मित्तल की प्रतिक्रिया

उप-प्रधान बने जगमोहन मित्तल ने सभी पार्षदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“यह एक परंपरा है कि पार्षद आपस में तालमेल बनाए रखने के लिए यूनियन बनाते हैं। हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि पार्षदों के मान-सम्मान और कार्य में आने वाली अड़चनों को दूर करना है। जहां भी किसी को जरूरत होगी, हम एकजुट रहेंगे।”
अन्य पार्षदों की प्रतिक्रियाएँ
- पार्षद प्रीतम सैनी ने कहा कि एकजुट रहने से सभी सुरक्षित और मजबूत रहते हैं। पिछली बार भी इससे बड़ा लाभ मिला था।
- पार्षद मोहित सिंघल ने कहा—
“एक और एक मिलकर 11 हो गए हैं। जनता का काम बिना बाधा सुचारू रूप से चलता रहे, यही हमारा मकसद है।”
सभी पार्षदों ने सहमति जताई कि शहर के विकास और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए यूनियन सामूहिक रूप से कार्य करेगी।
डिप्टी मेयर चयन में देरी क्यों?
नगर निगम में डिप्टी मेयर के चयन में लंबे समय से देरी को लेकर भाजपा पार्षदों में नाराजगी है। पार्टी स्तर पर पद के लिए कई नाम सामने आए थे, परंतु अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हो पाया है। इस देरी का असर निगम के कई विकास कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है।
यूनियन बनने का राजनीतिक संदेश
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा पार्षदों की ‘भाईचारा यूनियन’ बनाना संगठनात्मक मजबूती का संदेश भी है। यह सरकार और पार्षदों के बीच संवाद को मजबूत करने का तरीका भी हो सकता है। साथ ही पार्षदों का यह कदम नगर निगम के भीतर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता का परिणाम भी माना जा रहा है।
