जिले के बास गांव से नौ दिन से लापता युवक दिलखुश मुखिया का शव बुधवार को सुल्तानपुर माइनर से बरामद किया गया। मृतक की बहन रेखा देवी ने सात लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने पहले से दर्ज गुमशुदगी के मामले में हत्या की धाराएं जोड़कर गहन जांच शुरू कर दी है।
25 नवंबर से लापता था युवक
जानकारी के अनुसार, दिलखुश मुखिया 25 नवंबर से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 29 नवंबर को बास थाना में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने लगातार उसकी तलाश की। बुधवार को राहगीरों ने सुल्तानपुर माइनर में एक युवक का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर हांसी नागरिक अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहचान के लिए रखा गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुल सकता है मौत का राज
गुरुवार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा।
हांसी एसपी अमित यशवर्धन के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
बहन ने लगाए सात लोगों पर हत्या के आरोप

मृतक की बहन रेखा देवी ने पुलिस को बयान देते हुए कहा कि उनका परिवार करीब 10 वर्षों से बास अकबरपुर में रह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक, प्रमोद, तीलेश्वर, संजय, सरस्वती, गणेश और सुमन ने मिलकर उनके भाई की हत्या की और सबूत मिटाने के लिए शव को सुंदर ब्रांच नहर में फेंक दिया।
बाद में शव सुल्तानपुर माइनर में मिला। बहन का कहना है कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर हत्या की और शव को नष्ट करने की कोशिश की।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पुलिस का दावा है कि मामले का शीघ्र खुलासा किया जाएगा और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ाई गई
पुलिस ने बास और आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। ग्रामीणों से भी सहयोग मांगा गया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
