हिसार जिले के बास थाना में शनिवार को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी पुलिसकर्मियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गाया और देशभक्ति की भावना को जीवंत किया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने स्वदेशी अपनाने और विदेशी उत्पादों के बहिष्कार का संकल्प भी लिया।
बास थाना के प्रभारी बलवान सिंह ने इस अवसर पर कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मा और स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमें अपने कर्तव्यों और व्यवहार के माध्यम से राष्ट्रभक्ति प्रदर्शित करनी चाहिए और स्वदेशी उत्पादों को अपनाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान सभी पुलिसकर्मियों को स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने और विदेशी सामान का बहिष्कार करने की शपथ दिलाई गई। थाना प्रभारी ने बताया कि यह कदम न केवल स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित करता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी मदद करता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे इस संदेश को आम जनता तक पहुँचाएँ, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वदेशी अपनाने के महत्व को समझ सकें।
थाना प्रभारी बलवान सिंह ने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल शब्दों में नहीं हो सकती, बल्कि यह कर्मों में दिखाई देनी चाहिए। स्वदेशी अपनाने का संकल्प इस भावना का सबसे सशक्त रूप है। उन्होंने यह भी बताया कि देशभक्ति का असली अर्थ अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कदम उठाकर देश के विकास में योगदान देना है।

कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिसकर्मियों ने मिलकर राष्ट्रहित में योगदान देने और वंदे मातरम् की भावना को अपने जीवन में उतारने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर थाना स्टाफ के सभी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया।
यह पहल न केवल पुलिसकर्मियों में देशभक्ति और स्वदेशी अपनाने की भावना को जागृत करती है, बल्कि आम जनता को भी प्रेरित करती है कि वे अपने दैनिक जीवन में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनाने में योगदान करें। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बास थाना के इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय गीत और इतिहास की महान परंपराओं को जीवित रखना केवल समारोहों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे अपने कर्मों और आदतों में उतारकर देश की भलाई के लिए कार्य करना चाहिए। पुलिसकर्मी इस दिशा में मिसाल पेश कर रहे हैं और उनके प्रयास स्थानीय समुदाय और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं।
इस प्रकार, बास थाना में वंदे मातरम् के 150 वर्ष समारोह ने पुलिसकर्मियों और स्थानीय समुदाय में देशभक्ति, स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान की।
