हिसार के बास बादशाहपुर गांव में बुजुर्ग किसान हरिचरण के साथ मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। 64 वर्षीय किसान बीती शाम करीब 7 बजे संदीप जांगड़ा की दुकान पर सामान लेने गए थे, लेकिन दुकान बंद मिली। इसके बाद वह सुरेंद्र की दुकान से मौसमी खरीदने गए। तभी गांव के मोनू उर्फ बोना ने उनसे 200 रुपए उधार लिए और शराब लाने के लिए कहा।
कुछ देर बाद मोनू ने बताया कि बोतल भासी उठा ले गया है और फिर उसने दोबारा 200 रुपए मांगे। हरिचरण ने पैसे दे दिए। इसी बीच भासी मौके पर आया और झगड़ने लगा। भासी की मां भी वहां पहुंची और गाली-गलौज करने लगी।
जब हरिचरण वहां से लौट रहे थे, तो पीछे से डुडा, मोनू उर्फ बोना और भासी ने उनका रास्ता रोक लिया। तीनों ने उन्हें लात-घूंसे और ईंटों से हमला कर घायल कर दिया। डुडा ने उनकी कमर और बाजू पर ईंट मारी, जबकि अन्य दोनों ने लात-घूंसे मारकर जमीन पर गिराया। इसी दौरान डुडा ने उनकी कमीज की जेब से 16 हजार रुपए निकाल लिए।

मौके पर पहुंचे ग्रामीण बेदु, प्रवीन, बच्ची और बागड़ी के भांजे ने बीच-बचाव कर हरिचरण को हमलावरों से छुड़ाया। उनकी पत्नी दर्शना और बेटी मोनिका उन्हें घर ले गई। अगले दिन हरिचरण को खांडा खेड़ी अस्पताल से हिसार के नागरिक अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने हरिचरण के बयान पर डुडा, मोनू उर्फ बोना और भासी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 115, 126, 351(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही, पुलिस ने लूट के पहलू की जांच अलग से करने की बात कही है।
इस घटना ने ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की पूरी कोशिश कर रही है।
