पानीपत जिले के शोदापुर गांव में बुधवार को वीरता और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत माहौल में हेमचंद्र विक्रम आदित्य बलिदान दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उनके समाधि स्थल पर संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने अमर वीर हेमचंद्र विक्रम आदित्य को श्रद्धांजलि अर्पित की।
हवन यज्ञ का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। मंत्रों की गूंज पूरे वातावरण में श्रद्धा और सम्मान की भावना को और गहरा कर रही थी। उपस्थित लोगों ने यज्ञ में आहुति देकर वीर हेमचंद्र विक्रम आदित्य को याद किया और उनके साहस एवं त्याग को सराहा।
कार्यक्रम में जिला पार्षद आकाश पोड़िया, बजरंग दल के कार्यकर्ता विक्की, विरजू और सुभाष, विश्व हिंदू परिषद के सहमंत्री पवन सैगल और दिल्ली से आए ब्राह्मण संघ के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित थे।
वक्ताओं ने हेमचंद्र विक्रम आदित्य के साहस, देशभक्ति और त्याग के उदाहरण को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे महान वीरों से प्रेरणा लें जिन्होंने समाज और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

विश्व हिंदू परिषद के सहमंत्री पवन सैगल ने कहा, “वीर हेमचंद्र विक्रम आदित्य जैसे योद्धा हमारी संस्कृति की नींव हैं। उनके बलिदान को याद रखना केवल श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी को स्मरण करना भी है।”
कार्यक्रम के अंत में यज्ञ की पूर्णाहुति की गई और सभी उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सभी ने संकल्प लिया कि वीरों की स्मृतियों को जीवित रखने के लिए हर वर्ष इसी प्रकार श्रद्धा और सम्मान के साथ बलिदान दिवस मनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम ने गांव का वातावरण देशभक्ति, वीरता और श्रद्धा से भर दिया। आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि हेमचंद्र विक्रम आदित्य जैसे वीरों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस और त्याग की प्रेरणा मिलती रहेगी।
शोदापुर में आयोजित यह बलिदान दिवस ग्रामीणों और उपस्थित संगठनों के लिए एक ऐसा मंच साबित हुआ, जिसने देशभक्ति और सामूहिक श्रद्धा को नए जोश के साथ उजागर किया।
