हरियाणा के युवाओं को रूस में फंसे होने के बाद सुरक्षित भारत लाने की मांग को लेकर परिवारों ने नई पहल शुरू की है। रोहतक में विभिन्न जिलों से आए परिवार के लोग समाजसेवी नवीन जयहिंद से मिले और अपनी पीड़ा साझा की। नवीन ने आश्वासन दिया कि वह सड़क से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन करेंगे और विपक्ष से भी युवाओं की आवाज उठाने की मांग करेंगे।
स्टडी वीजा पर भेजे गए, धोखे से आर्मी में भर्ती
परिवारों के अनुसार प्रदेश के करीब 60 युवा स्टडी वीजा पर रूस गए थे, जिनके परिवारों ने लाखों रुपए कर्ज लेकर एजेंटों के माध्यम से बच्चों को भेजा था। लेकिन एजेंटों ने उन्हें धोखे से रूस की आर्मी में भर्ती करवा दिया, जिसके बाद उन्हें यूक्रेन युद्ध के जमीनी मोर्चों पर धकेल दिया गया।
यूक्रेन में रूस द्वारा कब्जाई गई जगहों पर युवाओं को बंकरों में रखा गया है, जिनके बारे में परिवारों को कोई जानकारी नहीं है।
पहले शव भारत लौट चुके, अन्य की हालत अज्ञात

परिवारों ने बताया कि अब तक दो युवकों के शव हरियाणा आए हैं, जबकि अन्य युवाओं के बारे में कोई सूचना नहीं है। उन्हें बच्चों के जीवित या मृत होने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि फंसे हुए युवाओं को भारत सुरक्षित वापस लाए।
किस तरह हुआ धोखा – केस स्टडी
- हिसार के विकास का भाई सोनू 2024 में स्टडी वीजा पर रूस गया था।
- एजेंट ने कहा कि उसे कुक की नौकरी करनी है, लेकिन उसे रूस आर्मी में भर्ती कर दिया गया।
- ढाई लाख रुपए सैलरी और 10 दिन की ट्रेनिंग के बाद सोनू को युद्ध में भेज दिया गया।
- 19 अक्टूबर को परिवार को सूचना मिली कि सोनू की युद्ध में मौत हो गई, और 29 अक्टूबर को उनका शव भारत आया।
इसी तरह गांव तैमूरपुर के श्रीभगवान के भांजे संदीप को भी स्टडी वीजा के बहाने आर्मी में भर्ती कराया गया। उन्होंने 10 महीने नौकरी करने के बाद अचानक 3 महीने की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। बंकरों में संदीप ने फोन पर बताया कि रोजाना खतरे में रहकर बाहर भेजा जाता है।
नवीन जयहिंद ने उठाई आवाज
समाजसेवी नवीन जयहिंद ने कहा कि हरियाणा के 60 युवा रूस आर्मी में फंसे हैं।
उन्होंने कहा कि पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं से मदद ली जा सकती है। उन्होंने प्रदेश के सभी सांसदों और विपक्ष नेताओं से अपील की कि वह युवाओं की सुरक्षित वापसी के लिए आवाज उठाएं।
सरकार से मांगी कार्रवाई
नवीन जयहिंद ने कहा कि यदि शवों को भारत लाया जा सकता है, तो जीवित युवाओं को भी सुरक्षित वापस लाना संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को रूस में धोखे से युद्ध में भेजा जा रहा है, और यह मानवाधिकार उल्लंघन है।
अगली योजना और प्रदर्शन
नवीन जयहिंद ने परिवारों को भरोसा दिया कि वे सड़क पर प्रदर्शन, संसद में हस्तक्षेप और मीडिया के जरिए आवाज बुलंद करेंगे। उनका उद्देश्य है कि भारत सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर फंसे हुए युवाओं को सुरक्षित लौटाए, ताकि परिवारों की पीड़ा खत्म हो सके।
