Saturday, January 31, 2026
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रूस-यूक्रेन युद्ध में हरियाणा के बेटे की मौ*त, हिसार के सोनू की यूक्रेनी ड्रोन हमले में जान गई — जबरन रशियन आर्मी में भर्ती किया गया था

हिसार जिले के गांव मदनहेड़ी के 28 वर्षीय सोनू की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत की पुष्टि हुई है। सोनू के बड़े भाई अनिल ने बताया कि उसे जबरन रशियन आर्मी में भर्ती कर युद्ध में भेजा गया था।

हिसार जिले के गांव मदनहेड़ी के 28 वर्षीय सोनू की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत की पुष्टि हुई है। सोनू के बड़े भाई अनिल ने बताया कि उसे जबरन रशियन आर्मी में भर्ती कर युद्ध में भेजा गया था।

रूसी आर्मी के कमांडर ने परिवार को फोन पर बताया कि यूक्रेन के ड्रोन अटैक में सोनू की मौत हो गई है। बताया गया है कि सोनू का शव बुधवार सुबह तक एयरलिफ्ट कर भारत लाया जा सकता है।

इससे पहले कैथल के 22 वर्षीय कर्मचंद की भी इसी तरह मौत हो चुकी है, जिसे एजेंटों ने धोखे से रशियन सेना में भर्ती कर दिया था।

वीडियो भेजकर बताया था: “कभी भी मर सकता हूं”

गांव मदनहेड़ी के ही अमन नामक युवक का चार दिन पहले परिवार के पास एक वीडियो आया था।
करीब 1 मिनट के वीडियो में अमन ने बताया कि उसे 25 अगस्त को धोखे से रशियन आर्मी में भर्ती किया गया।
कहा गया था कि गार्ड की नौकरी है, लेकिन 12 दिन की ट्रेनिंग के बाद सीधे बॉर्डर पर लड़ने भेज दिया गया।
वीडियो में अमन ने कहा —

“यहां रोज बमबारी होती है… हर दिन आंखों के सामने कोई न कोई मरता है।”

रूस में फॉरेन लैंग्वेज कोर्स करने गया था सोनू

सोनू के भाई अनिल के अनुसार, वह और गांव का अमन मई 2024 में रूस गए थे।
वे फॉरेन लैंग्वेज कोर्स करने गए थे, लेकिन बाद में जबरन सेना में भर्ती कर लिए गए।
3 सितंबर को सोनू ने आखिरी बार घर पर फोन किया था और बताया कि

“मुझे जबरन रशियन आर्मी में भेजा जा रहा है।”

इसके बाद 19 सितंबर को रूस से एक पत्र आया कि सोनू 6 सितंबर से लापता है और अब उसका शव मिल गया है।
परिवार का कहना है कि जो शव रूस की सेना ने भेजा, वह किसी और का है।

शव की पहचान मुश्किल — बर्फ से ढका चेहरा

अनिल ने बताया कि रूस से भेजी गई फोटो में शव पहचानने लायक नहीं है।
शव क्षत-विक्षत हालत में है और उस पर बर्फ जैसा सफेद पदार्थ जमा हुआ है।
6 अक्टूबर को भी रूस से पत्र मिला था, जिसमें सोनू की मौत की पुष्टि की गई थी।
भारतीय दूतावास ने बाद में इसकी पुष्टि की और कहा कि शव बुधवार सुबह 5 बजे तक भारत लाया जा सकता है।

कर्मचंद की मौत के बाद अब सोनू की बारी

कैथल के गांव जनेदपुर के कर्मचंद (22 वर्ष) भी इसी तरह रूस के युद्ध में मारे गए थे।
कर्मचंद को जर्मनी भेजने का झांसा दिया गया था, पर धोखे से रूस पहुंचाकर सेना में भर्ती कर दिया गया।
6 सितंबर को युद्ध में उसकी मौत हुई और 18 अक्टूबर को भारत में अंतिम संस्कार किया गया।

फतेहाबाद के दो युवक भी फंसे

फतेहाबाद के अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया को भी जबरन रशियन आर्मी में भर्ती किया गया है।
दोनों से 11 सितंबर के बाद कोई संपर्क नहीं हो पाया।
विजय के छोटे भाई सुनील कुमार ने बताया —

“भाई से आखिरी बार 13 सितंबर को बात हुई थी, अब बस भगवान और पीएम मोदी से आस है।”

27 भारतीय युवक फंसे — 6 हरियाणा के

विदेश मंत्रालय की लिस्ट के अनुसार, 27 भारतीय युवक रशियन आर्मी में भर्ती हैं,
जिनमें हरियाणा के 6, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना के युवक शामिल हैं।

3 नवंबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

रूस में फंसे युवाओं के परिजन 3 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
उन्हें दिल्ली पुलिस ने दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी है।
रोहतक के सामाजिक कार्यकर्ता जयभगवान (गांव मदीना गिंधरान) इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि

“हमारी लड़ाई इन युवाओं को सुरक्षित भारत लाने की है। अब केंद्र सरकार को गंभीरता से कदम उठाने होंगे।”

जयभगवान ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी और सांसद दीपेंद्र हुड्डा के माध्यम से
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास को पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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