पहाड़ों पर हुई ताजा बर्फबारी ने हरियाणा सहित उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ा दी है। सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं का असर साफ महसूस किया जा रहा है, जबकि दिन के समय सूर्य की हल्की तपिश बनी हुई है। इससे दिन और रात के तापमान में अंतर दोगुना हो गया है।
हालांकि, अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर खत्म हो चुका है, जिसके कारण हरियाणा में मौसम साफ और खुश्क रहने लगा है। फिर भी नमी बढ़ने के कारण मंगलवार सुबह मैदानी इलाकों में हल्की धुंध (Fog) देखने को मिली।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज से उत्तरी-पश्चिमी हवाएं एक बार फिर से चलेंगी। इन हवाओं के चलते रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।
बता दें कि दो दिन पहले हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिलों में मौसम बदला था और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई थी। इस बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और ठंड ने दस्तक दे दी। अब पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होने से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का असर तेज हो गया है।
🌦️ मौसम विभाग की भविष्यवाणी
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर 5 नवंबर तक ही रहा। अब 6 से 9 नवंबर के बीच हरियाणा में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

इस दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की से मध्यम गति से चलेंगी। इससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी, जबकि रात्रि तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी।
डॉ. खीचड़ ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन सुबह और देर शाम के समय धुंध व सर्द हवाएं लोगों को ठिठुराने लगेंगी
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी रबी फसलों की सिंचाई और बुवाई का कार्य मौसम की स्थिति को देखते हुए करें। सुबह की नमी और ठंडी हवाओं से फसलों में रोग बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए उचित सावधानी बरतें।
फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में हरियाणा में ठंड का असर और बढ़ेगा, खासकर रात के समय तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट संभव है।
