हरियाणा सरकार ने शॉप्स एंड कॉमर्शियल स्टेब्लिशमेंट एक्ट (1958) में अहम संशोधन किया है, जिससे प्रदेश में कारोबार और कर्मचारियों दोनों के लिए नए नियम लागू होंगे। गवर्नर असीम घोष ने इस संशोधन को लेकर अध्यादेश जारी कर दिया है। इसे विधानसभा के विंटर सत्र में पारित कराया जाएगा।
बिजनेस ऑवर्स में वृद्धि
संशोधन के तहत अब बिजनेस ऑवर्स 9 घंटे की बजाय 10 घंटे कर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य व्यापारियों को नए ग्राहकों तक पहुंचने में मदद देना और उनकी आय में वृद्धि करना है। इससे प्रदेश में ट्रेडिंग और कॉमर्शियल कारोबार करने वालों को लाभ मिलेगा।
ओवरटाइम सीमा बढ़ी
पहले 50 घंटे प्रति तिमाही निर्धारित ओवरटाइम अब बढ़ाकर 156 घंटे प्रति तिमाही कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कर्मचारी 106 अतिरिक्त घंटे तक ओवरटाइम करके अतिरिक्त आमदनी कमा सकेंगे।
कर्मचारियों के लिए डॉक्यूमेंट जरूरी
अब सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, हरियाणा ने महाराष्ट्र की तरह दो स्तरीय फ्रेमवर्क लागू किया है।

- 20 कर्मचारियों तक वाली यूनिट्स
- 20 से अधिक कर्मचारियों वाली यूनिट्स
दोनों प्रकार की यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगा।
जुर्माने का प्रावधान
संशोधित एक्ट में कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
- पहली बार उल्लंघन पर ₹3,000 से ₹10,000 तक का फाइन।
- नियमों का लगातार उल्लंघन करने पर रोजाना ₹500 का फाइन।
रेस्ट लीव में बदलाव
अब कर्मचारियों को रेस्ट लीव (विश्राम अवकाश) पाने के लिए लगातार 6 घंटे काम करना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह सीमा 5 घंटे थी। यह बदलाव कर्मचारियों को लंबी छुट्टियां लेने का अवसर देगा।
सरकारी कार्यालयों में योग ब्रेक
सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यस्थल पर अनुकूल माहौल और तनावमुक्त कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिदिन 5 मिनट का योग ब्रेक (Y ब्रेक) लागू करने का निर्णय लिया है। आयुष विभाग ने इस संबंध में 18 नवंबर को सभी विभागों को पत्र जारी किया है।
संशोधन का उद्देश्य
इस संशोधन का मकसद न केवल व्यापारियों को नई संभावनाएं देना है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा मानकों को भी मजबूत करना है। बिजनेस और कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखना और कामकाजी माहौल को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
