दिवाली की रात हरियाणा के कई शहर गैस चैंबर में तब्दील हो गए। चारों ओर आतिशबाजी के धुएं और स्मॉग ने हवा को इतना जहरीला बना दिया कि स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार पड़ जाए।
हालांकि सुबह होते-होते हवा में थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन अब भी प्रदूषण गंभीर स्थिति में बना हुआ है।
राज्य के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई है।
सबसे अधिक प्रदूषण रोहतक, नारनौल, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और बल्लभगढ़ में देखा गया, जहां एक्यूआई क्रमशः 320, 311, 306, 305 और 303 दर्ज किया गया।
इस तरह हरियाणा के पांच शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई।

सुबह के समय हल्की हवा और बादलों की वजह से स्मॉग में थोड़ी राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के हल्के प्रभाव से अगले दो दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
उत्तरी हरियाणा में बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि बाकी इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
हरियाणा के 15 शहरों में AQI 500 तक पहुंचा
दिवाली की रात 12 बजे के आसपास हरियाणा के 15 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 तक पहुंच गया, जिससे स्थिति ‘गंभीर प्लस’ (Severe Plus) श्रेणी में आ गई।
कुछ शहरों में सुबह 8 बजे तक AQI 500 के आसपास बना रहा।
कैथल, सोनीपत और चरखी दादरी में भी AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया।
जाने ग्रैप (GRAP) के स्टेज:
- स्टेज I: खराब (AQI 201–300)
- स्टेज II: बहुत खराब (AQI 301–400)
- स्टेज III: गंभीर (AQI 401–450)
- स्टेज IV: गंभीर प्लस (AQI >450)
हरियाणा के एनसीआर क्षेत्रों में ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू
वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण एनसीआर में ग्रैप (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है।
पहला चरण 14 नवंबर को लागू हुआ था।
अब रोहतक, नारनौल, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और बल्लभगढ़ जैसे शहरों में ग्रैप-2 पाबंदियां लागू होंगी।
- डीजल वाहनों पर सख्ती,
- निर्माण कार्यों में नियंत्रण,
- औद्योगिक धुएं पर निगरानी और
- वायु शुद्धिकरण के उपाय शुरू कर दिए गए हैं।
सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपील की है कि लोग आतिशबाजी, वाहन चालान और कूड़ा जलाने से परहेज करें ताकि प्रदूषण का स्तर नियंत्रित हो सके।
