हरियाणा पुलिस ने बढ़ते साइबर क्राइम से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए नया और प्रभावी PVR फॉर्मूला लॉन्च किया है। गुरुग्राम के टाउनहॉल में आयोजित बड़े कार्यक्रम में डीजीपी ओपी सिंह ने नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में इस मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फॉर्मूला हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा कवच का काम करेगा और ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका है।
स्कैमर भावनाएं हैक करते हैं, तकनीक नहीं
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि आज के साइबर अपराधी सिर्फ तकनीक पर निर्भर नहीं करते, बल्कि वे पहले एक व्यक्ति की भावनाओं को हैक करते हैं। डर, धमकी, लालच और जल्दबाजी जैसे मनोवैज्ञानिक तरीकों से लोग झांसे में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि हर ठगी की जड़ में छह प्रमुख ट्रिगर होते हैं—
- डर
- जल्दबाज़ी
- अंधभक्ति
- जिज्ञासा
- लालच
- लापरवाही
उन्होंने कहा कि सिर्फ दो सेकेंड के लिए रुककर इन ट्रिगर्स को समझने से 90% ठगी रोकी जा सकती है।
क्या है PVR मॉडल: तीन कदम और पूरी सुरक्षा
हरियाणा पुलिस का नया PVR मॉडल नागरिकों के लिए एक आसान और याद रहने वाला फॉर्मूला है:
1️⃣ रुकिए (Pause)
यदि कोई अनजान कॉल, मैसेज, व्हाट्सऐप लिंक, KYC अपडेट, बैंक अलर्ट या पुरस्कार जीतने की सूचना मिले—
सिर्फ दो सेकेंड रुक जाइए।
बस इतना रुकना ही स्कैमर का 90% प्लान फेल कर देता है, क्योंकि उनका खेल आपकी घबराहट और जल्दबाजी पर आधारित होता है।
2️⃣ जांचिए (Verify)
- कॉल या मैसेज भेजने वाले की पहचान गूगल करें
- लिंक पर क्लिक करने से पहले URL ध्यान से पढ़ें
- बैंक, पुलिस, RBI, UIDAI कभी कॉल पर OTP या पासवर्ड नहीं मांगते
- लेन-देन हमेशा केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से करें

3️⃣ रिपोर्ट करें (Report)
जरा सा भी संदेह हो तो तुरंत
📞 1930 – नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन
पर कॉल करें।
हरियाणा पुलिस की 1930 टीम 60 सेकेंड में खाते को फ्रीज कर सकती है और पैसे सुरक्षित करा सकती है। इसके लिए FIR की भी जरूरत नहीं पड़ती।
बॉलीवुड स्टाइल में समझाया PVR
कार्यक्रम में सबसे दिलचस्प पल तब आया, जब डीजीपी ने PVR को गाने की धुनों से जोड़कर याद रखने का तरीका बताया।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा—
“जिसका मुझे था इंतजार… Verify को कौन है वो…”
और
“Report को याद रखें 1930… चक दे इंडिया की तरह।”
हॉल में मौजूद सैकड़ों लोगों ने हंसी और तालियों के साथ इसे पसंद किया और तुरंत 1930 नंबर सेव कर लिया।
हरियाणा की मजबूत साइबर आर्मर
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि हरियाणा साइबर सुरक्षा के मामले में देश में शीर्ष राज्यों में शामिल है। राज्य में—
- 24×7 साइबर हेल्पलाइन 1930
- हर जिले में साइबर थाना
- उन्नत साइबर फोरेंसिक लैब
- बिना FIR के तत्काल रिफंड सुविधा (केवल हरियाणा में उपलब्ध)
- 4,000 से ज्यादा प्रशिक्षित साइबर योद्धा
इससे राज्य में साइबर ठगी रोकने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है।
एक साल में वापस दिलाए 127 करोड़ रुपये
पिछले एक वर्ष में हरियाणा पुलिस ने 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से 127 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी राशि नागरिकों को वापस दिलाई है। यह भारत में किसी भी राज्य की सबसे प्रभावी रिकवरी में से एक है।
डीजीपी ने कहा—
“अब ठग डरेंगे, क्योंकि हरियाणा का हर नागरिक PVR से लैस है।”
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने PVR पोस्टर के साथ सेल्फी ली और सोशल मीडिया पर #PVRChallenge शेयर किया।
