हरियाणा पुलिस के ऑपरेशन ट्रैक डाउन अभियान में आज एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। विशेष कार्य बल (STF) गुरुग्राम की टीम ने रोहित गोदारा गैंग के दो सक्रिय सदस्य नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी गांव सैदपुर, जिला नारनौल के निवासी हैं और पिछले 11 महीनों से पुलिस गिरफ्त से फरार थे।
पुलिस ने इन दोनों अपराधियों पर 5,000-5,000 रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था। STF की टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार ट्रैकिंग की और 9 नवम्बर 2025 को दोनों आरोपियों को काबू किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें आगामी कानूनी कार्यवाही के लिए एसटीएफ इकाई बहादुरगढ़ के हवाले किया गया।
कोर्ट परिसर में किया था हमला
5 दिसंबर 2024 को अदालत नारनौल परिसर में इन दोनों आरोपियों ने विरोधी गैंग के सदस्य अमित पुत्र सत्यपाल (गांव सुराणी, जिला महेंद्रगढ़) पर जानलेवा हमला किया था। इसके बाद आरोपी लगातार स्थान बदलते रहे और गिरफ्तारी से बचते रहे।
संजय और नरेश के खिलाफ कई मामले दर्ज
आरोपी संजय उर्फ संजीव के विरुद्ध लगभग दस तथा नरेश कुमार के विरुद्ध चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों के खिलाफ संगठित अपराध, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों के मामले लंबित हैं। इस प्रकरण में थाना शहर नारनौल, जिला महेंद्रगढ़ में एफ.आई.आर. संख्या 544/2024 दर्ज है।

ऑपरेशन ट्रैक डाउन की उपलब्धियां
हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रैक डाउन अभियान की अब तक की उपलब्धियां उल्लेखनीय रही हैं। राज्य भर में अब तक कुल 209 खूंखार अपराधियों और 1173 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केवल 10 नवम्बर 2025 को ही 48 खूंखार अपराधी और 179 अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।
इन लगातार सफल अभियानों ने प्रदेश में संगठित अपराध के नेटवर्क को कमजोर किया है और अपराधियों में भय पैदा करने के साथ-साथ आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ाया है।
हरियाणा पुलिस की प्रतिबद्धता
ऑपरेशन ट्रैक डाउन हरियाणा पुलिस की राज्यव्यापी मुहिम है, जिसका उद्देश्य फरार अपराधियों, घोषित इनामी व्यक्तियों और संगठित आपराधिक गिरोहों को पूरी तरह समाप्त करना है। यह अभियान पुलिस की तत्परता, रणनीतिक दृष्टिकोण और सशक्त कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
हरियाणा पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और इस अभियान में सहयोग करें।
