हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (HCMS) एसोसिएशन ने राज्य सरकार से अपनी लंबित मांगों के निपटारे के लिए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समयबद्ध समाधान नहीं किया, तो डॉक्टर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
बैठक और विरोध का निर्णय:
9 नवंबर 2025 को राज्य एवं जिला पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 11 नवंबर को सभी HCMS सदस्य काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे। 12 नवंबर को सभी सिविल सर्जनों को ज्ञापन सौंपा जाएगा और 13 नवंबर को HCMS सदस्य हेल्थ निदेशालय (DGHS) कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
डायरेक्ट SMO भर्ती पर आपत्ति:
बैठक में प्रमुख रूप से सरकार द्वारा शुरू की गई डायरेक्ट सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) भर्ती प्रक्रिया का विरोध किया गया। एसोसिएशन का कहना है कि यह भर्ती कई वर्षों से रोकने का संघर्ष चल रहा था। तत्कालीन हेल्थ मंत्री अनिल विज ने भी डायरेक्ट SMO भर्ती को रोकने के निर्देश दिए थे।

संशोधित ACP संरचना की मांग:
एसोसिएशन ने यह भी उठाया कि गत वर्ष सरकार ने संशोधित एसीपी (Modified ACP) संरचना देने पर सहमति जताई थी। मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन और वित्त विभाग की सहमति के बावजूद, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इसे अधिसूचित नहीं किया गया। डॉक्टरों ने इसे सरकार की लापरवाही और असंवेदनशील रवैये का उदाहरण बताया।
आंदोलन की चेतावनी और जिम्मेदारी:
एसोसिएशन ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो डॉक्टर आंदोलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के कारण किसी प्रकार की असुविधा की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हेल्थ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से भी अनुरोध किया गया कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें।
डॉ. नितिन फलसवाल का बयान:
सोनीपत जिला अध्यक्ष डॉ. नितिन फलसवाल ने कहा कि यह वादा खिलाफी और अन्याय है। HCMS का हर सदस्य इसका पुरजोर विरोध करेगा। एसोसिएशन डॉक्टरों की गरिमा और वरिष्ठता की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष करेगी।
हरियाणा में HCMS डॉक्टरों का विरोध सरकार के लंबित फैसलों और भर्ती नीतियों के कारण बढ़ रहा है। राज्य सरकार पर दबाव है कि वह जल्द समाधान करके स्वास्थ्य प्रणाली और डॉक्टरों के हित में सकारात्मक कदम उठाए।
