हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर काला राणा को गुरुग्राम एसटीएफ ने यमुनानगर कोर्ट में ट्रिपल मर्डर केस में पेश किया। पेशी के दौरान सुरक्षा के सख्त इंतजाम रहे। कोर्ट ने उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।
यमुनानगर (हरियाणा): हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा को मंगलवार को गुरुग्राम एसटीएफ पेशी के लिए यमुनानगर कोर्ट लेकर पहुंची। यह पेशी खेड़ी लक्खा सिंह ट्रिपल मर्डर केस से जुड़ी थी, जिसमें वह मुख्य आरोपी है।
कोर्ट ने पुलिस की मांग पर काला राणा को चार दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
पेशी के दौरान सुरक्षा के सख्त इंतजाम
कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। आमजन और मीडिया को कोर्ट के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
काला राणा को भोंडसी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था।
दोपहर एक बजे कोर्ट में पहुंचने के बाद उसे शाम 4 बजे तक पुलिस वाहन में बैठाकर रखा गया, जबकि एसटीएफ और लोकल पुलिस की संयुक्त टीम उसे घेरे में लेकर कोर्ट के अंदर ले गई।
करीब आधे घंटे चली सुनवाई के बाद जज गौरी नारंग की कोर्ट ने काला राणा को रिमांड पर भेजने के आदेश दिए।

दिसंबर 2024 का ट्रिपल मर्डर केस
यह मामला दिसंबर 2024 में हुए खेड़ी लक्खा सिंह ट्रिपल मर्डर केस से जुड़ा है।
इसमें नकाबपोश बदमाशों ने जिम के बाहर भाजपा नेता नरेंद्र राणा के चचेरे भाई वीरेंद्र राणा, शराब ठेकेदार पंकज मलिक, और अर्जुन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी।
हमले में 60 से अधिक गोलियां चलाई गई थीं। वीरेंद्र और पंकज की मौके पर मौत हो गई, जबकि अर्जुन ने बाद में दम तोड़ दिया।
गोल्डी बराड़, नोनी राणा और काला राणा गैंग ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी।
पुलिस ने कई अफसरों को किया था बर्खास्त
इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था, क्योंकि जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई थी।
यह घटना उस समय पूरे यमुनानगर जिले में दहशत का कारण बन गई थी।
कौन है गैंगस्टर काला राणा?
यमुनानगर के लक्ष्मी गार्डन में जन्मा वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा पहले एक स्टाइलिश और स्मार्ट युवक के रूप में जाना जाता था।
लेकिन 2012 में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की संगत में पड़ने के बाद उसकी जिंदगी का रुख बदल गया।
2013 में पहली बार लूट का केस
2013 में उसने पहली बड़ी वारदात करते हुए एक गाड़ी लूट ली थी।
जेल में उसकी मुलाकात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे संपत नेहरा से हुई, जिसके बाद वह गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ गया।
लॉरेंस और काला जठेड़ी गैंग से जुड़ा
जेल से छूटने के बाद वह संपत नेहरा और काला जठेड़ी के साथ कई वारदातों में शामिल रहा।
उसका नाम पूर्व MLA दिलबाग सिंह के भाई राजा पर गोलियां चलाने के मामले में भी सामने आया।
फर्जी पासपोर्ट से थाईलैंड भागा
पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाया और थाईलैंड भाग गया, जहां से वह लॉरेंस सिंडिकेट को ऑपरेट करता था।
बाद में थाईलैंड से गिरफ्तार किए जाने के बाद उसे भारत लाया गया।
कई जिलों में दर्ज हैं केस
काला राणा पर हत्या, लूट, रंगदारी, और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और पंजाब के कई जिलों में केस दर्ज हैं।
