डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के निजी सचिव पर करोड़ों की संपत्ति के आरोप, CM को जांच की चिट्ठी
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के निजी सचिव मोहित शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति रखने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। जींद के आरटीआई एक्टिविस्ट भारत भूषण शर्मा ने शिकायत देकर आरोप लगाया है कि मोहित शर्मा ने पिछले 15 वर्षों में बेनामी संपत्तियों का बड़ा जाल खड़ा किया है। साथ ही उनकी पत्नी, जो कि जिला प्रशासन में कार्यरत हैं, घर बैठे सैलरी लेने का आरोप भी शिकायत में शामिल है।
सोशल मीडिया में आरोपों के बाद मिड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
आरटीआई एक्टिविस्ट की शिकायत वायरल होने के बाद डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि:
- मोहित शर्मा के खिलाफ फिलहाल कोई आधिकारिक जांच नहीं चल रही है।
- सोशल मीडिया में फैल रही खबरें निराधार हैं।
- उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री नायक देवेंद्र सिंह सैनी को पत्र लिखकर निजी सचिव की संपत्ति की जांच कराने का अनुरोध किया है।
मिड्ढा ने कहा कि अगर उनके PA (निजी सचिव) दोषी पाए गए तो कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
“जांच शुरू होते ही छुट्टी पर भेज देंगे” – डिप्टी स्पीकर
डिप्टी स्पीकर ने साफ कहा कि जैसे ही इस मामले में औपचारिक जांच शुरू होगी, मोहित शर्मा को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा ताकि:
- जांच प्रभावित न हो
- दस्तावेजों में छेड़छाड़ की आशंका न रहे
- राजनीतिक हस्तक्षेप का सवाल न उठे
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के लिए वे स्वयं जांच का हिस्सा बनने को तैयार हैं।
मोहित शर्मा का मिड्ढा परिवार से पुराना संबंध
मोहित शर्मा वर्ष 2009 से मिड्ढा परिवार से जुड़े हुए हैं।
पहले वे डॉ. कृष्ण मिड्ढा के पिता और पूर्व विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा के निजी सचिव रह चुके हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट ने शिकायत में दावा किया है कि इतनी लंबी अवधि से सत्ता और प्रशासनिक तंत्र के संपर्क में रहने के कारण मोहित शर्मा ने बड़ा आर्थिक नेटवर्क खड़ा किया है।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप
आरटीआई एक्टिविस्ट भारत भूषण ने अपनी शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों को भेजी है।
शिकायत में कई गंभीर आरोप शामिल हैं—
1. 15 वर्षों से भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का आरोप
शिकायत के अनुसार, मोहित शर्मा:
- विभागीय कार्यों में भ्रष्टाचार
- ट्रांसफर पोस्टिंग में कमीशन
- सरकारी ठेकों में दखल
- रिश्वत लेकर फाइलें क्लियर करवाना
जैसे कार्यों में संलिप्त रहे हैं।
हरियाणा और पंजाब में बेनामी संपत्तियां

शिकायत में दावा किया गया है कि शर्मा ने करोड़ों की संपत्ति निम्न स्थानों पर अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी है:
- जींद का गांव पडाना
- हांसी
- पाली (अंबाला)
- जीरकपुर (पंजाब)
इन संपत्तियों का मूल्य उनकी आधिकारिक आय से कई गुना अधिक बताया गया है।
3. पत्नी घर बैठे ले रही सैलरी
शिकायत में कहा गया है कि मोहित शर्मा की पत्नी, जो जिला प्रशासन जींद में पदस्थापित हैं,
- कोरोना काल के बाद से नियमित ड्यूटी पर नहीं आ रहीं
- घर बैठे सरकारी वेतन ले रही हैं
- इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है
4. फर्जी पैमाइश और पार्क पॉलिसी में कमीशन
शिकायत में दावा है कि मोहित शर्मा के एक रिश्तेदार ने ‘अन्ना वेलफेयर टीम’ नाम की सोसाइटी बनाई है, जो नगर परिषद जींद में:
- फर्जी पैमाइश करवाती है
- हर महीने 2,03,958 रुपये का भुगतान प्राप्त करती है
- इसमें मोहित शर्मा का कमीशन बताया गया है
5. सरकारी ग्रांट और टेंडरों में मिलीभगत
आरटीआई एक्टिविस्ट ने लिखा है कि:
- ठेकेदारों के साथ मिलकर सरकारी ग्रांट दिलवाई जाती है
- बदले में कमीशन लिया जाता है
- नगर परिषद के 90% टेंडर पिछले 18 महीनों में दो फर्मों—
- जगत सोसाइटी
- प्रदीप कॉन्ट्रेक्टर
को दिए गए
- दोनों फर्में मोहित शर्मा के रिश्तेदारों की बताई गई हैं
