हरियाणा दयालु योजना में 35,500 फाइलें पेंडिंग: सरकार जिला स्तर पर करेगी बदलाव, पीड़ितों को जल्द मिलेगी आर्थिक मदद
दयालु योजना में बड़ी देरी: 35,500 फाइलें पेंडिंग, सरकार लाने जा रही बड़ा बदलाव
हरियाणा की दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा (दयालु) योजना में लाभ लेने के लिए लोगों को लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि करीब 35,500 फाइलें पेंडिंग हैं और मार्च 2024 की कई फाइलें अब तक क्लियर नहीं हुईं। लाभार्थी कई महीनों से आर्थिक मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि इस योजना का विभाग स्वयं मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास है।
वर्तमान में सभी फाइलें पंचकूला मुख्यालय से ही क्लियर होती हैं, जहाँ स्टाफ की भारी कमी है। इसी वजह से सरकार अब बड़ा ढांचा परिवर्तन करने जा रही है — अब फाइलें जिला स्तर पर भी क्लियर की जाएंगी।
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
यह योजना अप्रैल 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा शुरू की गई थी।
योजना के तहत सड़क दुर्घटना, अचानक मृत्यु या दुर्घटना में 70% या अधिक स्थायी विकलांगता होने पर सरकार लाभार्थी को 1 से 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता देती है।
बदलाव की 3 प्रमुख वजहें
1. लगातार बढ़ती पेंडेंसी
- वर्तमान में 35,500 से अधिक फाइलें पेंडिंग
- हर दिन 150–200 नई फाइलें आती हैं
- हर महीने लगभग 4,400 फाइलों का नया लोड
- नवंबर में भी केवल मार्च की फाइलें क्लियर हुईं
2. मुख्यालय में स्टाफ की भारी कमी

- दयालु ब्रांच, पंचकूला में सिर्फ 8–9 कर्मचारी
- फाइल स्कैनिंग, अपलोडिंग और वेरिफिकेशन का भारी प्रेशर
- हाल ही में एक एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर की नियुक्ति
3. योजना विभाग खुद CM के पास
चूंकि विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए अधिकारी फाइलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करना चाहते।
इसी वजह से अब कार्यभार जिला स्तर पर ट्रांसफर करने की तैयारी है, ताकि फाइलें तेजी से निपट सकें
क्या है दयालु योजना?
दयालु योजना हरियाणा सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है।
योग्यता:
- परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज
- वार्षिक आय ₹1.80 लाख तक
- परिवार के सदस्य की मृत्यु या 70%+ स्थायी विकलांगता
सहायता राशि आयु के आधार पर:
| आयु वर्ग | सहायता राशि |
|---|---|
| 6–12 वर्ष | ₹1 लाख |
| 12–18 वर्ष | ₹2 लाख |
| 18–25 वर्ष | ₹3 लाख |
| 25–45 वर्ष | ₹5 लाख |
| 45–60 वर्ष | ₹3 लाख |
यह राशि अन्य योजनाओं जैसे PMJJBY और PMSBY की राशि के अतिरिक्त होती है।
अब तक का लाभ: 36,651 परिवारों को 1,380 करोड़ रुपए
योजना की शुरुआत से अब तक:
- 36,651 लाभार्थियों को
- कुल ₹1,380 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है।
नया बदलाव: अब जिला स्तर पर फाइलें होंगी क्लियर
सरकार जल्द ही एक नया सिस्टम लागू करेगी जिसमें:
- फाइलों की प्रारंभिक जांच
- दस्तावेज सत्यापन
- पात्रता निर्धारण
जिला स्तर पर ही पूरा हो जाएगा
मुख्यालय पर केवल अंतिम रिपोर्ट पहुंचेगी।
इससे पेंडेंसी तेजी से घटने की उम्मीद है
