हरियाणा कांग्रेस में लगातार बढ़ रही गुटबाजी को रोकने के लिए अब नया पैंतरा अपनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने सभी नेताओं, जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों को एक लेटर जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब से किसी भी पोस्टर, बैनर, होर्डिंग या कार्यक्रम के बैकड्रॉप पर पार्टी आलाकमान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के फोटो अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
इस आदेश के अनुसार, प्रचार सामग्री में राष्ट्रीय नेताओं के साथ-साथ संबंधित जिले के सांसद और विधायक का भी फोटो लगाना होगा। यह नियम पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और पिछले चुनावों के उम्मीदवारों पर भी लागू रहेगा।
राव नरेंद्र के मुताबिक, यह कदम पार्टी में अनुशासन लाने और संगठन-केंद्रित राजनीति को बढ़ावा देने के लिए है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि कांग्रेस के अधिकतर सांसद और विधायक उन्हीं के समर्थक हैं।
बता दें कि 12 अक्टूबर 2025 को कांग्रेस ने आदेश जारी कर कहा था कि पार्टी की किसी भी प्रचार सामग्री में केवल 10 प्रमुख नेताओं की तस्वीरें लगाई जाएंगी। इनमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, बीके हरिप्रसाद, राव नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा और दीपेंद्र हुड्डा शामिल हैं।

लेकिन हाल ही में बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा के दौरान लगाए गए पोस्टरों में इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ था। उनके पोस्टर से प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और दीपेंद्र हुड्डा के फोटो गायब थे, जबकि कुछ अतिरिक्त नेताओं की तस्वीरें लगा दी गईं।
इस घटना के बाद हाईकमान तक रिपोर्ट पहुंची और राव नरेंद्र ने 4 नवंबर को नया आदेश जारी कर दिया। इसमें कहा गया कि आगे से किसी भी कार्यक्रम में ‘पार्टी प्रोटोकॉल’ का पालन अनिवार्य होगा।
स्थानीय नेताओं की तस्वीरें केवल पोस्टर के निचले हिस्से में सीमित स्थान पर लगाई जा सकेंगी। किसी को अतिरिक्त फोटो लगाने की अनुमति नहीं होगी।
राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया — “अब आयोजन व्यक्ति-केंद्रित नहीं, बल्कि संगठन-केंद्रित होंगे।” कांग्रेस के भीतर माना जा रहा है कि यह कदम गुटबाजी पर नियंत्रण और एकता की दिशा में हाईकमान की रणनीति का हिस्सा है।
