हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी और बयानबाजी पर लगाम लगाने के लिए अनुशासन समिति की आज चंडीगढ़ में पहली बैठक होगी। धर्मपाल मलिक की अध्यक्षता में तीन बड़े नेताओं — संपत सिंह, अजय यादव और कुलदीप शर्मा — पर कार्रवाई पर चर्चा हो सकती है।
हरियाणा में अपनी स्थिति सुधारने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस अब अपने बड़बोले नेताओं की सियासी सर्जरी शुरू करने जा रही है। पार्टी की नई गठित अनुशासन समिति की रविवार को चंडीगढ़ में पहली बैठक होगी। इस बैठक में समिति अपनी नई गाइडलाइंस तय करेगी कि गुटबाजी और बयानबाजी पर नियंत्रण कैसे किया जाए, और शिकायतों पर कार्रवाई का तरीका क्या हो।
बैठक से पहले ही समिति के चेयरमैन पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक के पास तीन वरिष्ठ नेताओं — पूर्व मंत्री संपत सिंह, कैप्टन अजय यादव और पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा — के खिलाफ शिकायतें पहुंच चुकी हैं।
धर्मपाल मलिक ने पुष्टि करते हुए कहा कि समिति को पार्टी लाइन से हटकर बयान देने वाले नेताओं को नोटिस देकर कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। हाईकमान की ओर से समिति को पूरी छूट दी गई है ताकि पार्टी एकजुट दिखे।
क्यों हो सकती है कार्रवाई?
- संपत सिंह इनेलो की रैली में शामिल हुए थे और सोशल मीडिया पर हुड्डा पर अप्रत्यक्ष हमला किया था।
- कुलदीप शर्मा लगातार भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर निशाना साध रहे हैं।
- कैप्टन अजय यादव ने भी कई बार संगठनात्मक निर्णयों पर सवाल उठाए हैं।
अनुशासन समिति की भूमिका

राज्य अनुशासन समिति केवल प्रदेश स्तर के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सांसद और राष्ट्रीय पदाधिकारी समिति के दायरे से बाहर हैं, लेकिन उनके मामलों की सिफारिश हाईकमान को भेजी जा सकती है।
संगठन को धार देने की कोशिश
हरियाणा कांग्रेस अब संगठन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। जिलाध्यक्षों का हर महीने रिव्यू किया जाएगा। पहली रिव्यू मीटिंग 3 नवंबर को चंडीगढ़ में होगी, जिसमें जिलाध्यक्षों को अपनी कार्य रिपोर्ट देनी होगी।
