हिसार के हांसी में महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सरोज कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को सनातन धर्म महिला महाविद्यालय में महिला सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं, महिला अधिकारों और शिकायत प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी देना था।
वन स्टॉप सेंटर की भूमिका समझाई
इंस्पेक्टर सरोज कुमार ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए एक ऐसी व्यवस्था है, जहां किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में सभी जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसमें शामिल हैं—
- कानूनी सलाह
- पुलिस सहायता
- काउंसलिंग
- अस्थायी आश्रय
- चिकित्सीय सहायता
- 24×7 सपोर्ट सिस्टम
उन्होंने बताया कि सेंटर में आने वाली शिकायतें पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं, ताकि पीड़िता सुरक्षित और सहज महसूस कर सके।
साइबर क्राइम से बचाव पर जोर
इंस्पेक्टर सरोज कुमार ने छात्राओं को खासतौर पर सोशल मीडिया पर बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि—
- अनजान लिंक, एप्स या वेबसाइट पर क्लिक न करें
- किसी संदिग्ध मैसेज, धमकी या ब्लैकमेलिंग की जानकारी तुरंत पुलिस को दें
- ऑनलाइन फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करते समय सावधानी बरतें
- व्यक्तिगत जानकारी कभी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए युवतियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग समझदारी और सतर्कता के साथ करना चाहिए।
छात्राओं को दिए हेल्पलाइन नंबर

कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने छात्राओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाए—
- महिला हेल्पलाइन: 1091
- आपातकालीन सेवा: 112
- साइबर क्राइम: 1930
साथ ही, शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया, जांच प्रणाली और महिला सुरक्षा कानूनों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कई छात्राओं ने महिला सुरक्षा, सोशल मीडिया सुरक्षा और कानूनी सहायता से जुड़े सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया।
इंस्पेक्टर सरोज कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य युवतियों को आत्मनिर्भर, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना है, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रख सकें।
हांसी पुलिस आगे भी चलाएगी अभियान
हांसी पुलिस ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम—
- स्कूलों,
- कॉलजों,
- गांवों
में लगातार आयोजित किए जाएंगे।
पुलिस का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को मजबूत बनाने के लिए समाज के हर वर्ग में जागरूकता जरूरी है।
समापन संदेश
कार्यक्रम का समापन महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और सतर्कता को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने के संदेश के साथ किया गया। हांसी पुलिस ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल एक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता है।
