हिसार जिले की हांसी पुलिस ने अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ के तहत कुख्यात विनोद उर्फ काना गैंग के सरगना सहित तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गैंग का सरगना विनोद उर्फ काना, राजेश निवासी लोहारी राघो तथा नरेश मोठिया निवासी मोठ करनैल शामिल हैं। यह गिरोह लंबे समय से नारनौंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा था और युवाओं को अपराध के रास्ते पर ले जाने में शामिल था।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाता था गैंग
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ग्रुप बनाकर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पहले युवाओं से दोस्ती करते, उन्हें प्रभावित करते और फिर धीरे-धीरे उन्हें अपराधिक गतिविधियों में शामिल कर लेते थे।
गैंग का उद्देश्य नया आपराधिक नेटवर्क तैयार करना था, जिसमें युवा लड़कों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, इन ग्रुपों में अपराध से जुड़े वीडियो, मैसेज और आकर्षक प्रलोभन साझा किए जाते थे ताकि युवा जल्दी प्रभावित हो जाएं और गैंग से जुड़ने के लिए तैयार हों।
लंबे समय से नारनौंद क्षेत्र में सक्रिय था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार यह गैंग पिछले कई महीनों से नारनौंद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय था। गैंग के सदस्य आपस में पासवर्ड-सुरक्षित सोशल मीडिया ग्रुपों के माध्यम से संपर्क करते थे और नए युवाओं को जोड़ते रहते थे।
इनकी गतिविधियों पर हांसी पुलिस लगातार नजर रखे हुए थी। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग और फील्ड इनपुट के आधार पर गैंग के सदस्यों को चिन्हित किया और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गैंग का सरगना दो दिन के रिमांड पर
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।
- राजेश निवासी लोहारी राघो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
- विनोद उर्फ काना (सरगना) और
- नरेश मोठिया निवासी मोठ करनैल
दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस रिमांड के दौरान गैंग के सोशल मीडिया नेटवर्क, उनके संपर्क में आए अन्य युवाओं और संभावित आपराधिक योजनाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
युवा वर्ग को चेतावनी – संदिग्ध सोशल मीडिया ग्रुपों से रहें दूर

हांसी के पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने प्रेस को बताया कि गैंग की गतिविधियों में सबसे अधिक नुकसान युवाओं को होता है।
उन्होंने कहा—
“कई सोशल मीडिया ग्रुप युवाओं को बहका कर अपराध के मार्ग पर धकेल रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध जानकारी को तुरंत पुलिस से साझा करें।”
पुलिस ने यह भी बताया कि आने वाले समय में ऐसे गैंगों के खिलाफ और सख्त अभियान चलाया जाएगा ताकि युवाओं को अपराध की दलदल में फंसने से रोका जा सके।
पुलिस की आगे की रणनीति
हांसी पुलिस अब गैंग के सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, बैंकिंग डिटेल और अन्य डिजिटल सबूतों की गहन जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग पिछले कुछ समय से नई ‘क्रिमिनल फौज’ खड़ी करने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने कहा है कि अगर किसी भी युवक को ऐसे ग्रुपों से जुड़े संदेश मिले हैं, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह अभियान जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
