हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होने से टल गया। पाली गांव के पास धान की पराली से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक आग की लपटों में घिर गई। कुछ ही मिनटों में पराली पूरी तरह जलकर राख हो गई और ट्रैक्टर का पिछला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना से हजारों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
अचानक उठा धुआं और कुछ ही देर में भड़क उठी आग
राजपुरा गांव निवासी सोमबीर, जो कई वर्षों से आसपास के गांवों से धान की पराली एकत्र करने का काम करते हैं, शनिवार दोपहर को पाली गांव के एक किसान की पराली लोड कर ट्रॉली में भरकर वापस लौट रहे थे। जैसे ही वह पाली गांव के स्कूल के पास पहुंचे, ट्रॉली के अंदर से अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, धुआं तेजी से बढ़कर आग की लपटों में बदल गया।
सोमबीर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रैक्टर को सड़क किनारे स्थित एक सर्विस स्टेशन पर खड़ा किया। आग की बढ़ती लपटों को देखते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए।
स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग पर काबू नहीं
मौके पर पहुंचे लोगों ने पहले पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। कुछ लोगों ने मिट्टी डालकर भी लपटों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। पराली होने के कारण आग लगातार भड़कती जा रही थी और ऊंची लपटें उठने लगीं।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और साथ ही फायर ब्रिगेड को भी कॉल किया। आग की स्थिति को देखते हुए नारनौंद और हांसी फायर स्टेशन से दो फायर ब्रिगेड वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाई आग
कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की दोनों टीमें मौके पर पहुंच गईं। फायर कर्मियों ने तेजी से पानी की बौछारें डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझाई जा सकी। वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि यदि ट्रॉली गांव के अंदर होती या कोई भीड़भाड़ वाले स्थान पर यह घटना होती, तो नुकसान अधिक गंभीर हो सकता था।
फायर कर्मियों के मुताबिक, आग इतनी तीव्र थी कि पराली पूरी तरह जलकर राख में तब्दील हो चुकी थी। आग की वजह से ट्रैक्टर का पिछला हिस्सा, ट्रॉली का ढांचा और कुछ उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने का सही कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, शुरुआती अनुमान है कि पराली में घर्षण, ट्रॉली के नीचे से उठने वाली चिंगारी, या किसी बाहरी कारण से आग भड़क सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि पराली अत्यधिक सूखी होने के कारण हल्की सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज की है। आगे जांच के बाद ही आग लगने के सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
ग्रामीणों ने कहा — “गांव के अंदर होता तो बड़ा हादसा हो जाता”
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को गांव में अनाज मंडी की ओर काफी आवाजाही रहती है। यदि यह ट्रॉली गांव की भीड़भाड़ वाली सड़क पर होती, तो कई वाहन और लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। ग्रामीणों ने पराली से भरी ट्रॉलियों को लेकर अधिक सतर्क रहने की अपील भी की है।
