हिसार जिले के हांसी शहर में नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दो दिन पहले हुई युवक की नशे की ओवरडोज से मौत के मामले में पुलिस ने बुधवार को दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में जानकारी डीएसपी विनोद शंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ में नशे के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
डीएसपी ने बताया कि मृतक युवक के परिजनों ने पुलिस को उसके एक दोस्त के बारे में बताया था, जो उसके साथ नशा करता था। पुलिस ने जब उस दोस्त से पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि उन्होंने साईं कॉलोनी निवासी दो महिलाओं से नशा खरीदा था। यह नशा “चिट्टा” के नाम से जाना जाता है, और इसी की ओवरडोज लेने से युवक की मौत हुई थी।
पुलिस को मृतक का शव हिसार रोड स्थित सुनील होंडा के पीछे झाड़ियों में मिला था। घटनास्थल से नशे के कई इंजेक्शन और अन्य सामग्री भी बरामद की गई थी। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और बुधवार को दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार महिलाओं की पहचान कांता (40) और अनिता (35) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि मृतक मोनू उनसे कई बार नशा खरीद चुका था। 2 नवंबर की रात को भी उसने उनसे “चिट्टा” खरीदा था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन महिलाओं को नशा कौन सप्लाई करता था और यह नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपितों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि सप्लाई चेन और अन्य लोगों की पहचान हो सके।
डीएसपी विनोद शंकर ने कहा कि हांसी पुलिस नशे के खिलाफ अभियान को लगातार तेज कर रही है। शहर के चिन्हित इलाकों में डॉग स्क्वायड और पीसीआर टीमें नियमित गश्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य है कि नशे की सप्लाई पूरी तरह खत्म की जाए और युवा पीढ़ी को इस खतरनाक लत से बाहर निकाला जाए।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को नशे की बिक्री या सप्लाई की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
