हांसी साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर लगाम कसने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग दो मामलों में पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मिलकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपियों से 65 हजार रुपए की बरामदगी भी की है। दोनों मामलों में पुलिस ने तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पहला मामला: चीनी बेचने के नाम पर 3.86 लाख की ठगी
पहला केस ऑनलाइन चीनी बेचने के बहाने की गई धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। साइबर क्राइम थाना हांसी की टीम ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी दीपक, कृष्ण और मैनपुरी निवासी परवीन को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित ने ऑनलाइन विज्ञापन देखकर किया था संपर्क
एसआई सज्जन कुमार ने बताया कि गांव उमरा निवासी रोहित मालिक ने ऑनलाइन चीनी बेचने का विज्ञापन देखा और आरोपी दीपक से संपर्क किया।
तीनों आरोपियों ने आपसी मिलीभगत कर रोहित से 3,86,000 रुपयों की ठगी कर ली थी।
शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने मोबाइल लोकेशन, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर तीनों को ट्रैक कर गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपए बरामद किए हैं।
अदालत में पेश करने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दूसरा मामला: क्रिप्टो में निवेश और ऑनलाइन टास्क पूरा करवाने के नाम पर धोखाधड़ी
दूसरा मामला हाल ही में तेजी से बढ़ रहे क्रिप्टो और ऑनलाइन टास्क फ्रॉड से संबंधित है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस केस में हरप्रीत, निवासी सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश), को गिरफ्तार किया है।
व्हाट्सऐप लिंक के जरिए लगाया जाल
एसआई प्रेम कुमार के अनुसार, आरोपी हरप्रीत ने अपने एक साथी के साथ मिलकर गांव गढ़ी निवासी प्रिया को व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा था।
लिंक पर क्लिक करने के बाद प्रिया को “ऑनलाइन टास्क पूरा करने” पर कमाई का लालच दिया गया।
धीरे-धीरे टास्क के नाम पर उससे
₹2,83,412 रुपए ठग लिए गए।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हरप्रीत को गिरफ्तार किया और उसके पास से 15 हजार रुपए बरामद किए।
इस मामले में एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
साइबर क्राइम पुलिस का अभियान जारी
हांसी साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने के बाद तुरंत तकनीकी सहायता का उपयोग कर जांच तेज की जाती है।
पुलिस लगातार—
- डिजिटल लेन-देन
- मोबाइल नंबर
- UPI आईडी
- बैंक खातों
- और सोशल मीडिया लिंक
का विश्लेषण कर ठगों तक पहुंच बना रही है।
पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और सबसे ज्यादा शिकायतें—
✔ फर्जी ऑनलाइन बिक्री
✔ क्रिप्टो करेंसी स्कैम
✔ ऑनलाइन टास्क फ्रॉड
✔ सोशल मीडिया लिंक
✔ कस्टमर केयर फ्रॉड
✔ KYC अपडेट धोखाधड़ी
से संबंधित आती हैं।
पुलिस की लोगों को अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि—
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- ऑनलाइन विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें
- सोशल मीडिया पर मिलने वाले “टास्क और कमाई” वाले ऑफर से दूर रहें
- किसी पेमेंट के पहले नंबर व अकाउंट की सत्यता जांचें
- ठगी होने पर 1930 पर तत्काल शिकायत दें
