हांसी पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह पार्ट टाइम जॉब और ऑनलाइन टास्क पूरा कराने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए ठग रहा था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शाकिर हुसैन और विशाल के रूप में हुई है, जो राजस्थान के जोधपुर जिले के ज्योति नगर के रहने वाले हैं।
पुलिस अधीक्षक हांसी अमित यशवर्धन के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान में यह कार्रवाई की गई है।
कैसे हुआ खुलासा?
यह मामला गांव बास निवासी मनीष की शिकायत के आधार पर साइबर थाना हांसी में दर्ज हुआ था। मनीष ने बताया था कि कुछ लोगों ने उसे “पार्ट टाइम जॉब” का लालच दिया और टास्क पूरा करने के बदले मोटा कमीशन देने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क दिए गए और धीरे-धीरे पैसे ट्रांसफर कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया गया।
मनीष के अनुसार, ठगों ने अलग-अलग किस्तों में कुल
3,33,676 रुपए
हड़प लिए।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह में कुल 6 सदस्य शामिल थे, जिनमें से चार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी दो आरोपियों — शाकिर हुसैन और विशाल — को तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर राजस्थान से पकड़ा गया।
कैसे ठगते थे आरोपी?

एएसआई सज्जन कुमार, जिन्होंने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया, ने बताया कि गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था।
यह लोग—
- सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर “पार्ट टाइम जॉब ऑफर” भेजते
- “टास्क” के नाम पर छोटी रकम जमा कराते
- शुरुआत में 50–100 रुपए का “कमीशन” देकर भरोसा जीतते
- फिर बड़े टास्क असाइन कर रकम बढ़ाते
- दबाव बनाकर लगातार पैसे ट्रांसफर करवाते
- पीड़ित जितना पैसा भेजता, वे उतना ही और टास्क थोपते रहते
- अंत में खाते ब्लॉक कर पीड़ित को लटका देते
इस तरह कई लोग इनकी ठगी का शिकार बन चुके हैं।
दोनों आरोपी भेजे गए जेल
गिरफ्तारी के बाद साइबर क्राइम थाना हांसी की टीम ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने शाकिर और विशाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के पैसों के लेनदेन, बैंक खातों, फर्जी नंबरों और अन्य तकनीकी कड़ियों की गहन जांच की जा रही है।
यह भी जांच हो रही है कि कहीं यह गिरोह किसी बड़े राष्ट्रव्यापी नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा।
पुलिस ने दी महत्वपूर्ण चेतावनी
हांसी पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है:
- किसी भी अज्ञात लिंक, ऑनलाइन जॉब ऑफर या “टास्क बेस्ड” स्कीम पर भरोसा न करें।
- कोई कंपनी या संस्था टास्क पूरा करवाने के लिए पैसे नहीं मांगती।
- यदि कोई संदिग्ध संदेश, कॉल या लिंक मिले, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
- किसी भी तरह का पैसा ऑनलाइन भेजने से पहले संबंधित नंबर, कंपनी और ऑफर की जांच जरूर करें।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए नागरिकों को जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
