हिसार के हांसी में साइबर क्राइम पुलिस ने टेलीग्राम टास्क फ्रॉड से जुड़े एक बड़े मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुनील और देव, दोनों निवासी हनुमानगढ़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। इन पर एक महिला से 8 लाख 50 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस इस गिरोह की गिरफ्त में आने वाले आरोपियों की संख्या चार तक पहुंच गई है।
वर्ष 2024 का मामला – महिला से की गई थी 8.50 लाख की ठगी
थाना साइबर क्राइम हांसी के एएसआई प्रेम के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 का है। गांव बुडाना निवासी इन्द्रावती पत्नी रमेशचंद्र को टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर भारी कमाई का लालच दिया गया। आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला को अलग-अलग समूहों में जोड़कर छोटे-छोटे टास्क देकर भरोसा जीत लिया।
धीरे-धीरे उन्हें बड़े टास्क ऑफर किए गए जिनके लिए पहले से भुगतान करने को कहा गया। इसी प्रक्रिया में पीड़िता ने कई किस्तों में कुल 8 लाख 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
जब महिला को भुगतान के बाद भी कोई लाभ नहीं मिला, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर पुलिस ने गहराई से तकनीकी विश्लेषण और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के बाद इस गिरोह के कई सदस्यों की पहचान की।
पहले भी दो आरोपी गिरफ्तार—जांच जारी
साइबर क्राइम थाना हांसी इस मामले में पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ताजा गिरफ्तारी में, पुलिस ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से सुनील और देव को पकड़ा। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कैसे किया जाता है ‘टेलीग्राम टास्क फ्रॉड’?
साइबर क्राइम विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठगी का एक नया और तेजी से फैलता तरीका है। इसमें ठग—

- पीड़ित को टेलीग्राम/व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ते हैं,
- छोटे-छोटे टास्क देकर तुरंत पेमेंट करते हैं,
- पीड़ित का भरोसा बनाते हैं,
- फिर महंगे टास्क के नाम पर ‘एडवांस पेमेंट’ मांगते हैं,
- और जैसे ही पैसा भेज दिया जाता है—ग्रुप, चैट और अकाउंट डिलीट कर फरार हो जाते हैं।
हांसी पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और इस पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए लगातार जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक की अपील—“ऑनलाइन कमाई के लालच से बचें”
हिसार पुलिस अधीक्षक ने आम जनता को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा—
- किसी भी ऑनलाइन टास्क, निवेश या उच्च रिटर्न देने वाले ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें।
- अनजान लिंक, संदिग्ध टेलीग्राम/व्हाट्सऐप ग्रुप के मैसेज को ब्लॉक करें।
- बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी, आधार नंबर किसी भी व्यक्ति या ग्रुप के साथ साझा न करें।
- ठगी का शक होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या निकटतम साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाएं।
सोशल मीडिया पर जागरूकता की आवश्यकता
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। विशेष रूप से युवा और गृहणियां टेलीग्राम टास्क फ्रॉड का निशाना बन रहे हैं, क्योंकि उन्हें कुछ ही घंटों में बड़ी कमाई का लालच दिया जाता है। पुलिस का मानना है कि यदि लोग सचेत रहें तो ऐसे मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
आगे की जांच जारी
साइबर क्राइम थाना हांसी ने कहा है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यह गिरोह बड़े नेटवर्क के रूप में काम करता है, इसलिए कई बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की जांच जारी है।
