सिरसा के विवादित हांडी खेड़ा बाबा संजय भगत ने अपने दरबार का ठिकाना रातों-रात बदलकर राजस्थान के बीकानेर जिले के अरजनसर शहर के पास असरारासर रोड में शिफ्ट कर दिया है। भगत संजय ने खुद और अपने सेवादारों के साथ सामान गाड़ियों में लोड कर राजस्थान ले जाया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो भी साझा किया।
दरबार शिफ्ट और गांव में विरोध:
हांडी खेड़ा दरबार के एंट्री गेट के पास से छोटा टेंट और मेन शेड के अंदर गद्दी सहित अन्य सामान भी उठा लिया गया। ग्रामीणों ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि संजय भगत झाड़-फूंक के नाम पर पाखंड फैला रहे थे और लोगों से सरसों का तेल और पैसे ले रहे थे।
संजय भगत पहले सिरसा में दरबार स्थापित करना चाहते थे, लेकिन गांव और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण दरबार को बाहरी इलाके में स्थानांतरित करना पड़ा। उनके झाड़-फूंक के काम से गांव की छवि प्रभावित हो रही थी और ग्रामीणों ने सदर थाना में शिकायतें भी दर्ज करवाई।
संजय भगत का विवादित इतिहास:
महेंद्र और विक्की जैसे ग्रामीण बताते हैं कि संजय भगत 30 साल के हैं। उन्होंने पहले खेती, हेयर ड्रेसिंग, कबाड़ी और किराना का काम किया। दो साल पहले संजय ने अपने गुरु का नाम लेकर झाड़-फूंक का काम शुरू किया। सोशल मीडिया पर उनके चमत्कारों के वीडियो वायरल होने लगे, जिससे भीड़ बढ़ी।

संजय ने मोर पंख और लाल कपड़े से झाड़ फूंक करने की तकनीक अपनाई और नशा छुड़वाने, बीमारी ठीक करने, शादी करवाने और घर में दोष दूर करने का दावा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस काम के बदले लोगों से हजारों रुपए वसूल लिए।
सामाजिक और कानूनी असर:
ग्रामीणों ने संजय भगत के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस को सौंपी हैं। उनके झाड़-फूंक के तरीके और लोगों से वसूली के कारण विवाद बढ़ा और सामाजिक रूप से सवाल उठे।
भविष्य की योजना:
संजय भगत ने वीडियो जारी कर कहा कि नया दरबार असरारासर रोड, राजस्थान में स्थापित किया जाएगा और वहां मंदिर का निर्माण भी हो रहा है। वे लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं, जो दरबार में आना चाहते हैं।
