जिले में गुरुग्राम पुलिस ने ‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ के तहत 15 दिनों में 289 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह अभियान 5 नवंबर से 20 नवंबर तक चला और इसका मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाना, अवैध हथियारों की आपूर्ति को नियंत्रित करना और वांछित अपराधियों को पकड़ना था।
मुख्य गिरफ्तारी और सफलता
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, संगठित अपराध और अन्य गंभीर धाराओं में फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ की गई। अभियान के तहत एक बड़ी सफलता तब मिली जब थाना सदर गुरुग्राम के पुराने मामले में वांछित 5 हजार रुपये के इनामी बदमाश को पकड़ा गया।
इसके अतिरिक्त, शहर में हुई हत्या के मामलों में शामिल 9 आरोपी और हत्या के प्रयास में संलिप्त 29 आरोपी भी पुलिस के जाल में फंसे।
हथियारों की बरामदगी और अपराधियों का नेटवर्क
अभियान के दौरान पुलिस ने संगठित अपराध में शामिल 48 आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। वहीं, लूटपाट, छीनाझपटी, डकैती, अवैध वसूली और अपहरण जैसे अपराधों में लिप्त 56 अपराधियों को भी पकड़ा गया।

अवैध हथियारों के नेटवर्क पर कार्रवाई में सबसे बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस ने अवैध हथियार रखने, बेचने या उपलब्ध कराने वाले 74 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से कुल बरामद हुआ:
- 43 देसी कट्टे
- 2 पिस्टल
- 1 मैगजीन
- 59 जिंदा कारतूस
- 1 चाकू
डीसीपी हेडक्वार्टर डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि इन हथियारों का इस्तेमाल कई वारदातों में किया जाना था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
भविष्य के लिए तैयारी और निगरानी
अभियान के दौरान पुलिस ने 75 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली है, जिससे भविष्य में इन पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। डॉ. जैन के अनुसार, यह अभियान शहर में गंभीर अपराधों को दोबारा होने से रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।
ऑपरेशन का महत्व
‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ पुलिस की सक्रियता और अपराध नियंत्रण में रणनीतिक कदम है। इसके जरिए केवल अपराधियों की गिरफ्तारी ही नहीं हुई, बल्कि अवैध हथियारों और अपराधी नेटवर्क का भी खुलासा हुआ। इस अभियान से गुरुग्राम की जनता की सुरक्षा और सड़क पर शांति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम पुलिस की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि अपराध पर कड़ा नियंत्रण और समय पर कार्रवाई शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत कर रही है। ऑपरेशन ट्रैक डाउन का यह अभियान भविष्य में भी अपराधियों पर निगरानी और उनके दमन में अहम साबित होगा।
