गुरुग्राम में लिव इन में रह रहे युवक ने की आत्महत्या
हरियाणा के गुरुग्राम जिले में न्यू पालम विहार फेस-1 के एक फ्लैट में 29 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पहले से शादीशुदा था और उसके दो बच्चे थे। परिजनों का आरोप है कि युवक की लिव इन पार्टनर उसे घर नहीं जाने देती थी और पत्नी-बच्चों से बात करने भी नहीं देती थी, जिससे वह लगातार मानसिक तनाव में रहता था।
मौके पर पुलिस टीम ने पहुंचकर शव को अस्पताल भेजा। परिजनों के बयान पर पोस्टमॉर्टम करवा शव उन्हें सौंप दिया गया।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान गौरव के रूप में हुई। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बसंत विहार का रहने वाला था और पेशे से ड्राइवर था। उसके बड़े भाई संजय शर्मा ने बताया कि गौरव 10 महीने पहले गुरुग्राम नौकरी करने आया था और सेक्टर-29 के एक क्लब में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात डांसर पायल से हुई।
लिव इन में तीन महीने से साथ रह रहे थे
तीन महीने पहले गौरव और पायल ने न्यू पालम विहार में किराए का मकान लेकर साथ रहना शुरू किया। परिजनों के अनुसार, पायल उसे घर जाने नहीं देती थी, जबरदस्ती पैसे मांगती थी और मारपीट करती थी। गौरव कई बार परिवार को फोन कर परेशान होने की बात बताता था, लेकिन पायल उसे धमकाती थी कि अगर घर गया तो आत्महत्या कर लेगी।

पायल पर प्रताड़ना और मानसिक दबाव का आरोप
परिवार का कहना है कि पायल मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार गौरव को प्रताड़ित करती थी। रोज़ाना झगड़ा, मारपीट और गाली-गलौज आम बात थी। गौरव को घर जाने से रोका जाता था और कभी-कभी उसका फोन भी छीन लिया जाता था।
घटना की पूरी कहानी
परिजनों ने बताया कि रविवार रात पायल और गौरव क्लब गए थे। सुबह घर लौटते समय दोनों के बीच झगड़ा हुआ। गौरव अपनी कार से फ्लैट पहुंचा, जबकि पायल बाइक टैक्सी लेकर घर पहुंची। घर पहुंचने पर गौरव फंदे पर लटका मिला।
परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई
गौरव के परिजनों ने पायल पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए बजघेड़ा थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने बताया कि पूछताछ जारी है और मामले की जांच चल रही है। अगर सुसाइड में किसी का उकसावा पाया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज और परिवार पर प्रभाव
यह मामला परिवार के लिए भारी सदमा है। परिजन और समाज इस घटना से चिंतित हैं। लिव इन रिलेशनशिप में उत्पन्न मानसिक दबाव और प्रताड़ना को लेकर यह एक चेतावनी भी बन सकता है कि संबंधों में मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
