गुरुग्राम कोर्ट ने भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन रोशनी, जीजा अनूप और भांजी सुरभि के खिलाफ 4 करोड़ की प्लॉट धोखाधड़ी केस में अरेस्ट वारंट जारी किए। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को आरोपियों को पेश करने के सख्त आदेश दिए।
हरियाणा के गुरुग्राम की एक कोर्ट ने भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन रोशनी, जीजा अनूप और भांजी सुरभि के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए हैं।
यह मामला दो मृतकों के प्लॉट को बेचकर 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी से जुड़ा है। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि सभी आरोपियों को जल्द कोर्ट में पेश किया जाए।
शिकायतकर्ता का आरोप
शिकायतकर्ता धर्मवीर ने बताया कि उसके पिता सुनील और चाचा संदीप कुमार के नाम पर सेक्टर 23 और 23A में प्लॉट थे। संदीप की 2004 में मृत्यु हो गई थी, लेकिन फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका प्लॉट किसी और के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।
धर्मवीर का कहना है कि फर्जी सिग्नेचर कर NOC जारी की गई और 2016 से 2017 के बीच रीअलॉटमेंट लेटर के जरिए यह प्लॉट तीन लोगों को बेच दिए गए।
वकील की दलील

शिकायतकर्ता के वकील प्रवीण दहिया ने बताया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़ा है, इसलिए कार्रवाई में देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्लॉट की कुल कीमत करीब 4 करोड़ रुपये थी, जिसमें से रकम रोशनी बिश्नोई के बैंक अकाउंट में आई थी।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
वकील के अनुसार, अनूप बिश्नोई एक बड़े बिजनेसमैन हैं और बिस्को लिमिटेड तथा ग्लोसब स्प्रिट कंपनी के प्रमोटर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि रोशनी बिश्नोई को कंपनी से फर्जी दस्तावेजों से जुड़ा एक ईमेल भेजा गया था, जिसे बाद में विकास बिश्नोई को सौंप दिया गया।
कोर्ट की सख्ती
कोर्ट ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बाद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी आवश्यक है, इसलिए अरेस्ट वारंट जारी किए जा रहे हैं।
अब पुलिस को अगली सुनवाई से पहले आरोपियों को कोर्ट में पेश करना होगा।
