गुरुग्राम स्थित भारतीय नौसेना के नए बेस INS अरावली में सोमवार से मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग वर्कशॉप 2025 की शुरुआत हो रही है। तीन दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम 3 से 5 नवंबर तक चलेगा, जिसमें 30 देशों के समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। इस दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन और इन्फॉर्मेशन शेयरिंग को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।
नेवी की मीडिया विंग के अनुसार, यह वर्कशॉप भारत की “सागर” (Security And Growth for All in the Region) नीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच भरोसेमंद सहयोग, सुरक्षा और विकास को प्रोत्साहित करना है।
स अंतरराष्ट्रीय आयोजन का उद्घाटन डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल तरुण सोबती करेंगे, जबकि डीजी शिपिंग के एडिशनल डायरेक्टर जनरल आईपीएस सुशील मानसिंग खोपड़े मुख्य अतिथि होंगे।
वर्कशॉप में संयुक्त राष्ट्र, रीकेप इंफॉर्मेशन शेयरिंग सेंटर, IFC सिंगापुर, रीजनल मैरीटाइम इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर और कई प्रमुख शिपिंग कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा IORA, जिबूती कोड ऑफ कंडक्ट, जेद्दा अमेंडमेंट और बिम्सटेक के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

नेवी अधिकारियों के अनुसार, मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग वर्कशॉप (MISW) की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी, जो अब समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में एक प्रमुख मंच बन चुका है। इसका मकसद पायरेसी, ड्रग स्मगलिंग, मानव तस्करी और अवैध मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है।
INS अरावली में स्थित IFC-IOR सेंटर में वर्तमान में 25 देशों के 43 मल्टीनेशनल सेंटरों की लाइव फीड उपलब्ध है और 28 देशों के साथ 76 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संपर्क स्थापित हैं। यहां ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, फ्रांस और यूके समेत 15 देशों के प्रतिनिधि अधिकारी तैनात हैं जो लगातार समुद्री सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं।
