हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB) ने गुरुग्राम में केंद्रीय GST विभाग के एक सुपरिंटेंडेंट को ₹2.50 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को लागू करने का हिस्सा है। गिरफ्तार अधिकारी झज्जर जिले के बहादुरगढ़ स्थित केंद्रीय GST कार्यालय में तैनात था और शिकायतकर्ता की फर्म का GST नंबर सक्रिय करने के एवज में अवैध धन की मांग कर रहा था।
शिकायत के बाद सुनियोजित ट्रैप
ACB के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के एक निवासी ने शिकायत दी कि बहादुरगढ़ GST ऑफिस में तैनात सुपरिंटेंडेंट भारत मीणा ने उनकी फर्म का GST नंबर सक्रिय करने के बदले ₹2.50 लाख की रिश्वत मांगी। शिकायत के तुरंत बाद ब्यूरो ने मामले की पुष्टि की और सात दिन की गहन निगरानी के बाद सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया। गुरुग्राम के बड़ा भईया चौक, गांव बसई में अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

सात दिन की निगरानी और ट्रैप ऑपरेशन की सफलता
एसीबी टीम ने इस मामले में लगातार सात दिनों तक निगरानी रखी। सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ट्रैप सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रारंभिक जांच में कुछ अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की संभावना भी सामने आई है। ब्यूरो ने कहा कि जांच के दौरान जिन भी अधिकारियों या कर्मचारियों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तार अधिकारी भारत मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बरामद ₹2.50 लाख की राशि को न्यायिक प्रक्रिया के लिए सुरक्षित किया गया है। प्रारंभिक जांच में कई अहम पहलू उजागर हुए हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।
एसीबी प्रमुख का बयान और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
ACB प्रमुख आईपीएस अजय सिंघल ने कहा कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वतखोरी को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो के टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर दें।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख और जागरूकता
इस गिरफ्तारी से स्पष्ट संदेश गया है कि हरियाणा सरकार और एसीबी भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निगरानी और जांच तेज कर दी गई है, ताकि राज्य में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
इस मामले ने यह भी दिखाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने वाले नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिकायतकर्ता की सूझबूझ और ACB की गहन जांच ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी को कानून के तहत सजा दिलाने का रास्ता साफ किया।
