सोनीपत: गोहाना स्थित बली गांव से शनिवार को गीता जयंती पैदल यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा गीता के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यात्रा की अगुआई संजय पाराशर कर रहे हैं।
यात्रा का मार्ग और अवधि
यह पैदल यात्रा गोहाना शहर से शुरू होकर पानीपत रोड, इसराना, घरौंदा, करनाल, नीलोखेड़ी और तरावड़ी से होते हुए धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। यात्रा में लगभग तीन से चार दिन लगने की संभावना है। इस दौरान यात्रा के सदस्य विभिन्न पड़ावों पर आमजन से संवाद करेंगे और गीता का संदेश समझाएंगे।
गीता का संदेश आम जनता तक
यात्रा के प्रमुख संजय पाराशर ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य गीता के वास्तविक और सार्वभौमिक संदेश को सरल भाषा में आम जनता तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को दिशा देने वाला जीवंत ज्ञान है।
संजय पाराशर ने कहा, “हम लोगों को यह बताने जा रहे हैं कि गीता का ज्ञान केवल पढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि इसे जीवन में उतारने का संदेश है। इसके माध्यम से हम यह भी समझाना चाहते हैं कि भारत माता कौन है, लक्ष्मी माता कौन हैं, और भारतीय संस्कृति इन दोनों के दिव्य स्वरूपों को कैसे पूजती है।”

पैदल यात्रा का महत्व
यात्रियों ने पैदल यात्रा इसलिए चुनी है ताकि प्रत्येक गांव और ढाणी में पहुँचकर सीधे आम नागरिकों से संवाद किया जा सके। संजय पाराशर का मानना है कि पैदल चलने से लोगों में जिज्ञासा पैदा होती है और यात्रा का संदेश तेज़ी से फैलता है।
सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा
यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति, राष्ट्र निर्माण और विश्वगुरु भारत के विचारों पर विशेष चर्चाएँ भी आयोजित की जाएंगी। यात्रा का उद्देश्य केवल गीता का ज्ञान साझा करना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना को भी जागरूक करना है।
जनता का सहयोग और आशीर्वाद
संजय पाराशर ने विश्वास जताया कि यात्रा को हर जगह जनता का भरपूर प्रेम, सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान लोग गीता के ज्ञान से प्रेरित होंगे और इसका सकारात्मक प्रभाव समाज में दिखाई देगा।
सामाजिक और धार्मिक संदेश
यह यात्रा धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी माध्यम है। यात्री गांव-गांव जाकर लोगों को यह समझाएंगे कि गीता का ज्ञान केवल व्यक्तिगत विकास के लिए ही नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण में भी मार्गदर्शक है।
गोहाना से शुरू हुई यह गीता जयंती पैदल यात्रा न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जन-जागरूकता और भारतीय संस्कृति का संदेश भी फैलाती है। यात्रा के माध्यम से गीता का ज्ञान सीधे आमजन तक पहुँचाया जाएगा और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में उतारने का संदेश दिया जाएगा।
यह पहल न केवल सोनीपत जिले में बल्कि पूरे उत्तर भारत में गीता के महत्व और संदेश को फैलाने में सहायक होगी।
