करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र के बल्हेड़ा गांव में करीब एक महीने पहले दो पक्षों के बीच हुए झगड़े और हवाई फायरिंग की घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित चल रहे 11वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध 315 बोर का हथियार भी बरामद किया है।
एक महीने पुरानी वारदात, दोनों पक्षों में हुआ था विवाद
यह घटना 13 अक्टूबर को हुई थी, जब किसी आपसी रंजिश को लेकर बल्हेड़ा गांव में दो पक्षों के बीच अचानक झगड़ा हो गया था। देखते ही देखते मामूली कहासुनी मारपीट में बदल गई और एक पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों को गंभीर चोटें पहुंचाईं। इसी दौरान विरोधी पक्ष के आरोपियों ने डराने और दहशत फैलाने के लिए हवा में फायरिंग भी की।
हवाई फायरिंग और हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
मुख्य आरोपी अफसारून गिरफ्तार, पानीपत का रहने वाला
पुलिस के अनुसार, वांछित आरोपी की पहचान अफसारून पुत्र इरफान, निवासी गढ़ी बेसिक, पानीपत के रूप में हुई है। आरोपी की तलाश में पुलिस पिछले एक महीने से लगातार छापेमारी कर रही थी।
विश्वसनीय सूचना के आधार पर उप निरीक्षक तेजपाल की अगुवाई में टीम ने दबिश दी और आरोपी को काबू कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध 315 बोर का हथियार भी बरामद किया गया।

पुलिस का कहना है कि अफसारून वही आरोपी है जिसने घटना वाले दिन हवा में फायरिंग की थी और हमले में सक्रिय रूप से शामिल था।
पहले हो चुकी हैं 10 गिरफ्तारियां
जांच अधिकारी ने जानकारी दी कि इस मामले में पुलिस पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह 11वां आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।
फायरिंग, हमला और जान से मारने की धमकी के आरोप में शामिल अफसारून को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
झड़प में गंभीर चोटें आई थीं
शिकायतकर्ता पक्ष ने पुलिस को बताया था कि विवाद के दौरान आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। फायरिंग की आवाज से गांव में दहशत फैल गई थी।
पुलिस के अनुसार, इस हमले में आरोपी पक्ष की मंशा शिकायतकर्ता को डराना और धमकाना था, ताकि उनका पक्ष विवाद में दबाव में आ जाए।
अवैध हथियार की बरामदगी से बढ़ेगी जांच
तेजपाल ने बताया कि आरोपी से बरामद अवैध हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि घटना में उपयोग किए गए हथियार का यही पता है या नहीं।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच करेगी कि हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और क्या यह किसी बड़ी आपराधिक गतिविधि का हिस्सा था।
आरोपी को जेल भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी अफसारून को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस विवाद के पीछे की असल वजह, हथियारों की सप्लाई चेन और अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने अपील की है कि किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय कानून की मदद लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
