भिवानी के किरोड़ीमल पार्क में शनिवार को तीन दिवसीय गीता जयंती समारोह का शुभारंभ धूमधाम से किया गया। उद्घाटन अवसर पर भिवानी-हनुमानगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी देखने के लिए सुबह से ही स्कूली बच्चों, महिलाओं और आमजन की भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रदर्शनी में विभागों और स्वयं सहायता समूहों की स्टॉलें आकर्षण का केंद्र
इस महोत्सव में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से योजनाओं को दर्शाने वाली स्टॉलें लगाई गई हैं। इन स्टॉलों का उद्देश्य लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना है।
स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। सांसद धर्मबीर सिंह ने स्वयं सभी स्टॉलों का अवलोकन किया और महिलाओं के समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना भी की।
गीता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य है कि गीता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। इसी भावना से पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गीता न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला सामाजिक और दार्शनिक मार्गदर्शक भी है। गीता में किसी भी प्रकार का भेदभाव, संकीर्णता या जाति-पांति का स्थान नहीं है। यह ग्रंथ मन को शांति और जीवन को दिशा देने वाला अद्वितीय ज्ञान है।
महोत्सव के माध्यम से योजनाओं की जानकारी
सांसद ने बताया कि तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव में लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों के जरिए लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
उद्देश्य यह है कि आमजन जागरूक होकर इन योजनाओं का लाभ उठा सकें—चाहे वह स्वरोजगार योजनाएं हों, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं हों या महिला सशक्तिकरण से संबंधित कार्यक्रम।
आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अपनाने पर जोर

सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि आज भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए जरूरी है कि देशवासियों को स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि देश में यूरिया और डीएपी पर सरकार लगभग दो लाख करोड़ रुपये सब्सिडी देती है, जिसके चलते प्रति बैग लगभग 3100 रुपये की सब्सिडी मिलती है। इसके बावजूद, भिवानी में एक स्टॉल पर देश में निर्मित डीएपी मात्र 1000 रुपये प्रति कट्टा उपलब्ध कराया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि “अगर हम स्वदेशी को अपनाते हैं, तो भारत को आत्मनिर्भर बनने से कोई नहीं रोक सकता।”
स्वयं सहायता समूहों की सराहना
सांसद ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की भी सराहना की और कहा कि ये समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से ना सिर्फ परिवार मजबूत होते हैं, बल्कि समाज भी आत्मनिर्भर बनता है।
महोत्सव के आगामी कार्यक्रम
अंत में उन्होंने बताया कि तीनों दिनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या, ज्ञान चर्चा, योग सत्र और गीता वाचन का आयोजन किया जाएगा। बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल होने की उम्मीद है।
