हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल के गैबीपुर गांव में गुरुवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब एक फाइनेंस कंपनी ने किसान के घर पर ताला लगाकर पूरा मकान सील कर दिया। मामला बढ़ने पर ग्रामीणों और किसान संगठनों ने कार्रवाई करते हुए ताला तोड़कर किसान को उसका घर वापस दिला दिया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
फाइनेंस कंपनी ने पुलिस के साथ किसान का घर सील किया
जानकारी के अनुसार, किसान कृष्ण, निवासी गैबीपुर ने वर्ष 2022 में वास्तु फाइनेंस कंपनी से 11 लाख रुपये का ऋण लिया था। उनका कहना है कि वे 4 लाख रुपये से अधिक की राशि वापस कर चुके हैं और केवल कुछ किस्तें बकाया हैं। इसके बावजूद बुधवार को फाइनेंस कंपनी के अधिकारी पुलिस की मौजूदगी में उनके घर पहुंचे और पूरा मकान सील कर दिया।
सीलिंग उस समय की गई जब किसान कृष्ण घर पर मौजूद नहीं थे। उनकी पत्नी अकेली थीं और कंपनी के अधिकारियों ने कोई स्पष्टीकरण सुने बिना ही ताला लगा दिया। इससे परिवार को रातभर कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे गुजारना पड़ा।
ग्रामीणों और किसान संगठनों में रोष
मामले की जानकारी मिलते ही गांव गैबीपुर के लोग इकट्ठा हो गए और किसान संगठनों को इसकी सूचना दी गई। गुरुवार सुबह भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विकास सीसर और अन्य पदाधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और तुरंत फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों को फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन कंपनी कोई स्पष्ट समाधान देने के लिए तैयार नहीं हुई।

इस घटना से गांव में तनाव का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने फाइनेंस कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया।
किसान संघर्ष समिति ने तोड़ा ताला
लंबी चर्चा के बाद किसान संघर्ष समिति और पंचायत ने मिलकर यह निर्णय लिया कि किसान कृष्ण को उसका घर वापस दिलाया जाएगा। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में समिति के पदाधिकारियों ने मकान का ताला तोड़ा और परिवार को दोबारा घर में प्रवेश कराया।
ग्रामीणों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ जमकर रोष जताया।
पुलिस-प्रशासन पर उठे सवाल
प्रदेशाध्यक्ष विकास सीसर ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर हरियाणा पुलिस के अधिकारी फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस उन्हीं कंपनियों का साथ देकर किसानों को बेघर करने में मदद कर रही है। उन्होंने इसे किसानों के साथ खुला अन्याय बताया।
उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को घर और रहने का अधिकार देता है। ऐसे में किसी परिवार को ठंड में खुले में रात बिताने पर मजबूर करना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि कानून के खिलाफ भी है।
फाइनेंस कंपनी के ऑफिस पर ताला लगाने की चेतावनी
विकास सीसर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फाइनेंस कंपनी इस मामले का समाधान जल्द नहीं करती, तो संघर्ष समिति उसी तरह हिसार स्थित कंपनी के दफ्तर पर ताला लगाएगी, जैसे किसान के घर पर लगाया गया था।
उन्होंने कहा कि यह घटना किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग
गैबीपुर गांव के लोगों ने प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर तुरंत रोक लगाई जाए और किसान-friendly नीति बनाई जाए, ताकि किसानों को इस तरह की उत्पीड़नकारी कार्यवाही का सामना न करना पड़े।
