फतेहाबाद में सड़कों के बीचोंबीच लगे असुरक्षित बिजली खंभों को हटवाने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब यह पूरी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ (SDO) को सौंपी गई है। निगम प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि सड़क चौड़ीकरण या निर्माण के कारण जहां भी बिजली के खंभे सड़क के बीच आ गए हैं, वहां उनकी पहचान, एस्टिमेट तैयार करने से लेकर हटाने तक का कार्य एसडीओ स्तर पर किया जाएगा।
सड़कों के बीच लगे बिजली खंभे बन रहे खतरा
कई स्थानों पर मुख्य सड़कों या एप्रोच सड़कों के बीचोंबीच बिजली के खंभे खड़े हुए हैं। ऐसा अक्सर सड़कों के चौड़ीकरण, नई सड़क निर्माण या लेवल बढ़ने के कारण होता है। ये खंभे वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं, खासकर:
- रात के समय
- कोहरे वाले मौसम में
- हाई ट्रैफिक रूट पर
निगम के अनुसार, कई सरकारी एजेंसियां इन खंभों को हटवाने के लिए डिपॉजिट कॉस्ट जमा नहीं करवातीं, जिससे काम महीनों-बरसों तक अटका रहता है। इस देरी के चलते दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है।
अब एसडीओ होंगे पूरी प्रक्रिया के जिम्मेदार
बढ़ती शिकायतों को देखते हुए DHBVN प्रबंधन ने आदेश जारी किया है कि अब एसडीओ समय-समय पर ऐसे स्थानों का निरीक्षण करेंगे और वहां लगे असुरक्षित खंभों या नीची बिजली लाइनों के लिए जिम्मेदारी निभाएंगे।
एसडीओ को क्या-क्या करना होगा?
1. डिपॉजिट एस्टिमेट तैयार करना
जहां भी खंभे हटाने, शिफ्ट करने या बिजली लाइन की ऊंचाई बढ़ाने की जरूरत है, वहां एसडीओ खुद एस्टिमेट तैयार करेंगे और सक्षम अधिकारी से इसकी मंजूरी लेंगे।

2. 15 दिन के भीतर नोटिस जारी करना
एस्टिमेट बनते ही एसडीओ को तुरंत नोटिस भेजना होगा:
- NHAI
- PWD (B&R)
- नगर परिषद/नगर पालिका
- मार्केटिंग बोर्ड
- पंचायत विभाग
- या कोई भी संबंधित एजेंसी
इन विभागों को 15 दिनों के अंदर अनुमानित लागत जमा करवाने के लिए कहा जाएगा।
3. 5 लाख तक की लागत की वसूली बिजली बिल से
अगर संबंधित विभाग 15 दिन में राशि जमा नहीं करता तो:
- एसडीओ खुद खंभा शिफ्टिंग/लाइन ऊंचाई सुधार का कार्य करवाएंगे
- और इसका वास्तविक खर्च संबंधित विभाग के बिजली बिल में जोड़ा जाएगा
यह नियम 5 लाख रुपये तक की लागत पर लागू होगा।
4. 5 लाख से अधिक खर्च पर एक्सईएन नोडल अधिकारी
जहां लागत 5 लाख रुपये से अधिक होगी:
- वहां संबंधित XEN नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे
- वे संबंधित विभागों से मीटिंग और रिमाइंडर नोटिस भेजकर राशि जमा करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे
- काम तभी शुरू होगा, जब लागत जमा हो जाएगी
वीडियोग्राफी और GPS लोकेशन अनिवार्य
नए निर्देशों के अनुसार:
- खंभा हटाने या लाइन ऊंचा करने से पहले और बाद की फोटो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग जरूरी होगी
- यह रिकॉर्ड जियो-कोऑर्डिनेट (GPS) सहित सुरक्षित रखा जाएगा
- एसडीओ यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उपरोक्त बदलाव GIS मैपिंग में अपडेट किए जाएं
इससे भविष्य में किसी विवाद या निरीक्षण के समय पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।
कदम से सड़क सुरक्षा में बड़ा सुधार की उम्मीद
फतेहाबाद सहित पूरे दक्षिण हरियाणा में यह नई व्यवस्था सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, विद्युत संरचना को सुरक्षित रखने और जनता की सुविधा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निगम का कहना है कि आने वाले महीनों में सड़क बीचोंबीच लगे अधिकतर खंभों की पहचान कर हटाव अभियान तेज किया जाएगा।
