अखिल भारतीय किसान सभा ने उठाई फसल बीमा, मुआवजा, खाद आपूर्ति और मजदूरों को उचित भुगतान की मांग; सरकार को दी चेतावनी — मांगें नहीं मानीं तो धरना होगा अनिश्चितकालीन
हिसार जिले के आदमपुर में जलभराव, सेम और अतिवृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे और 17 सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी आदमपुर ने सोमवार से तीन दिवसीय धरना शुरू कर दिया।
धरने की अध्यक्षता कपूर सिंह बगला और बृजलाल किड़ोलिया ने की, जबकि संचालन तहसील सचिव सतबीर सिंह धायल ने किया। किसानों ने सरकार से फसलों के बीमा और मुआवजे की तुरंत घोषणा, सभी फसलों की सरकारी खरीद, खाद की पर्याप्त आपूर्ति, खेत मजदूरों को उचित मुआवजा, दरक चुके मकानों के पुनर्निर्माण का मुआवजा, और मनरेगा के बकाया भुगतान जैसी मांगें रखीं।
किसानों की चेतावनी: मांगे नहीं मानीं तो धरना होगा अनिश्चितकालीन

किसान नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की समस्याओं पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो धरना अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।
सरकार तुरंत जारी करे मुआवजा” — सतबीर सिंह
तहसील सचिव सतबीर सिंह धायल ने कहा कि आदमपुर क्षेत्र में हजारों एकड़ जमीन जलभराव और सेम की चपेट में है, जिससे खरीफ की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि रबी फसल की बुवाई भी कई जगह असंभव हो गई है।
सतबीर सिंह ने सरकार से मांग की कि वह फसल बीमा और मुआवजा तुरंत जारी करे और जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान निकाले। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मीडिया में झूठा प्रचार कर रही है कि फसलों की खरीद सरकारी भाव पर हो रही है, जबकि किसानों को वजन में कटौती और धर्मकांटों की मनमानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरने में बड़ी संख्या में किसान शामिल
धरने में शामिल प्रमुख किसान नेता रहे —
रघुबीर सिंह मण्डेरना (तहसील कोषाध्यक्ष), सतपाल श्योराण (सहसचिव), संदीप बैनीवाल (वरिष्ठ युवा किसान नेता), राजेंद्र साहरण, राधेश्याम, भूप सिंह लाडवी, विष्णु बैनीवाल, रोहताश सिवाच, सेवा सिंह, शिशराम, रिछपाल जाखड़, राजेंद्र बैनीवाल, अशोक सिंवर, पूर्व प्रधान भूप सिंह, जगदीश पूनिया, इद्र सिंह, सुरेश धानक, सुखबीर मेट, दलीप टाडा, बनजारा भाणा, भंवरदीन, सुरेंद्र मिरासी, रोहताश माकड़ और जिले सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
