हिसार के बालसमंद में 4 दिसंबर को किसानों की महापंचायत, 32 दिन से बिना सुने धरने पर डटे किसान— “मुआवजा मिला बिना नहीं हटेंगे”
हिसार जिले के बालसमंद सब-तहसील मुख्यालय पर पिछले 32 दिनों से चल रहे किसान धरने ने अब बड़ा रूप ले लिया है। किसानों की आवाज प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक न पहुंचने पर अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी ने 4 दिसंबर को महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस महापंचायत में भादरा के पूर्व विधायक कामरेड बलवान पुनिया भी शामिल होकर किसानों को संबोधित करेंगे।
32 दिन से धरने पर बैठे किसान, कोई अधिकारी नहीं आया सुनने
किसान नेता संदीप धीरनवास ने बताया कि किसान सब-तहसील के मुख्य गेट पर कड़ाके की ठंड में लगातार धरना दे रहे हैं।
उन्होंने कहा—
“32 दिन हो गए, लेकिन एक भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि हमारी मांगें सुनने नहीं आया। क्या हमारी परेशानी किसी को दिखाई नहीं देती?”
किसानों की मुख्य मांगें हैं:
✔ फसल खराबे का मुआवजा
✔ बीमा राशि जारी की जाए
✔ सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि तुरंत खातों में पहुंचाई जाए
✔ बारिश से खराब हुए मकान–दुकानों का नुकसान आंका जाए
सीएम के वादे अधूरे, किसानों में रोष
किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से यह घोषणा की गई थी कि दीपावली से पहले खराब फसलों का मुआवजा दे दिया जाएगा, लेकिन आज तक किसानों को एक रुपये की भी राहत नहीं मिली।
किसानों का आरोप है कि—
“सरकार सिर्फ घोषणा करती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। 32 दिन धरना देने के बाद भी कोई अधिकारी हाल पूछने नहीं आया।”
घोषणा के बाद भी नहीं मिली बीमा राशि

किसानों का कहना है कि लगातार हुई बारिश से खड़ी फसलें खराब हुईं। कई घरों और दुकानों को नुकसान हुआ, लेकिन:
- न बीमा कंपनियों ने राशि दी
- न प्रशासन ने राहत जारी की
किसानों ने साफ कहा—
“जब तक हमारे खाते में मुआवजे की राशि नहीं आएगी, धरना खत्म नहीं होगा।”
जल निकासी पर डीसी के आदेश भी बेअसर
किसानों ने बताया कि करीब 20 दिन पहले डीसी अनीश यादव ने जल निकासी के निर्देश देते हुए समस्या को 10 दिनों में हल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज भी कई खेतों में पानी भरा हुआ है।
खेतों में खड़े पानी के कारण:
- पिछली फसल की पैदावार प्रभावित
- नई फसल की बिजाई भी ठप
किसानों का कहना है कि प्रशासन “केवल कागजों में काम कर रहा है, जमीन पर कुछ नहीं।”
4 दिसंबर को स्टेट हाईवे बंद कर करेंगे महापंचायत
किसान नेता संदीप धीरनवास ने बताया कि किसान 4 दिसंबर को बालसमंद–भादरा स्टेट हाईवे को पूरी तरह बंद कर रोड पर महापंचायत करेंगे।
उन्होंने कहा—
“सरकार और प्रशासन की अनदेखी का जवाब अब महापंचायत से दिया जाएगा। सड़क बंद रहेगी और लोग वैकल्पिक रास्तों से गुजरेंगे।”
किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलेगा, आंदोलन और बड़ा होगा।
महापंचायत से निकल सकता है बड़ा फैसला
किसान संगठनों का दावा है कि महापंचायत में क्षेत्रभर के किसान शामिल होंगे और अगले आंदोलन की दिशा वहीं से तय की जाएगी।
किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा—
“यदि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।”
